छत्तीसगढ़

बीजेपी का संकल्प पत्र जारी: किसानों-छोटे दुकानदारों को पेंशन का वादा वही राम मंदिर पर दोहराया हर तरह का प्रयास किए जाएंगे 

By: हरिमोहन तिवारी
2019-04-08 04:40:20 PM
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बीजेपी का संकल्प पत्र जारी: किसानों-छोटे दुकानदारों को पेंशन का वादा वही राम मंदिर पर दोहराया हर तरह का प्रयास किए जाएंगे 


बीजेपी ने आज लोकसभा चुनाव के लिए अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में 60 सालों के बाद किसानों और छोटे दुकानदारों को पेंशन देने का एलान किया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि राम मंदिर पर बीजेपी अपने संकल्प को दोहराती है.

BJP का घोषणापत्र: लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आज ‘संकल्प पत्र’ के नाम से अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में 60 सालों के बाद किसानों और छोटे दुकानदारों को पेंशन देने का एलान किया है. इतना ही नहीं बीजेपी ने वादा किया है कि एक लाख तक के कृषि लोन पर अब पांच सालों तक कोई ब्याज नहीं लगाया जाएगा. बीजेपी घोषणापत्र कमेटी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि राम मंदिर पर बीजेपी अपने संकल्प को दोहराती है और जल्द से जल्द इस मामले का समाधान चाहती है. हम राम मंदिर बनाने के लिए सभी संभावनाओं पर विचार करेंगे.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में संकल्प पत्र जारी किया. इस दौरान मंच पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वित्त मंत्री अरूण जेटली सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. जानें बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में क्या-क्या वादे किए हैं.

किसानों की आय दोगुनी
1.कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश.
2.देश के सभी किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ.
3.छोटे और खेतिहर किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन की योजना.

राष्ट्रीय सुरक्षा पर वादे

1.राष्ट्रीय सुरक्षा नीति केवल हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा विषयों द्वारा निर्देशित होगी.
2.आतंकवाद और उग्रवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता से जारी रखेंगे.
3.सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हैंड नीति जारी रहेगी.

अर्थव्यवस्था–
1.साल 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर और साल 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा.
2.इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपए का पूंजीगत निवेश.
3.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी योजना.

नए भारत की बुनियाद
1.सभी बसावटों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का दर्जा.
2.50 शहरों में एक मजबूत मेट्रो नेटवर्क.
3.सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए भारतमाला 2.0 द्वारा राज्यों को सहायता.

स्वस्थ भारत
1.1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्रों में टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक लैब सुवाधाएं.
2.हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज या परास्नातक मेडिकल कॉलेज.
3.साल 2022 तक सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण.

सुशासन–
1.लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के लिए एक साथ चुनाव के मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाना.
2. प्रभावी शासन और पारदर्शी निर्णयन के माध्यम से भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाना.
3.सार्वजनिक सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति के लिए सेवा आपूर्ति के अधिकार सुनिश्चित करना.

भविष्य का भारत-
1.भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज़ी से विकसित करने के लिए 22 प्रमुख चैम्पियन सेक्टरों का निर्धारण.
2.उद्यमियों को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 लाख रु तक का ऋण.
3.पूर्वोत्तर राज्यों में MSME को पूंजीगत सहायता देने के लिए ‘उद्यमी पूर्वोत्तर’ योजना.

सबके लिए शिक्षा-
1.200 नए केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों का निर्माण.
2.साल 2024 तक एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या दोगुनी करना.
3.भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में स्थान.

महिला सशक्तिकरण-
1.तीन तलाक, निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित व समाप्त करने को विधेयक.
2.सभी आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता को आयुष्मान भारत के तहत लाना.
3. कम से कम 50% महिला कर्मचारी रखने वाले MSME उद्योगों द्वारा सरकार के लिए 10% उत्पाद खरीद.

समावेशी विकास-
1.गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या को घटाकर 10% से भी कम करना.
2.5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं.
3.सभी छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन.

सांस्कृतिक धरोहर-
1.संवैधानिक ढांचे के तहत सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए आवश्यक प्रयास.
2.गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा नदी का स्वच्छ, निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करना.
3.समान नागरिक संहिता लाने की दृढ़ प्रतिबद्धता.

वैश्विक भारत-
1.प्रवासी भारतियों के बीच पारस्परिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत गौरव’ की शुरुआत.
2.वैश्विक समस्याओं जैसे आतंकवाद और भ्रष्टाचार के विरुद्ध बहुपक्षिय सहयोग.
3.राजनयिक और सम्बंधित कैडरों का सशक्तिकरण.



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