छत्तीसगढ़

केंद्र और राज्य का आपसी टकराव अब लोकसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बना दाल- भात की थाली 

By: हरिमोहन तिवारी
2019-04-01 04:01:15 PM
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केंद्र और राज्य का आपसी टकराव अब लोकसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बना दाल- भात की थाली 
रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य में अब दाल-भात की थाली चुनावी मुद्दा बन गई है। केंद्र सरकार ने दस रुपये में मिलने वाले दाल-भात सेंटर के लिए चावल देने से मना कर दिया। इसका असर यह हुआ कि कांग्रेस सरकार ने सभी दालभात सेंटर को बंद करने का फैसला ले लिया। केंद्र और राज्य का आपसी टकराव अब लोकसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बन गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके मोदी सरकार पर निशाना साधा है। भूपेश ने ट्वीट किया-2014 में मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही छत्तीसगढ़ के किसानों का धान का बोनस रोक दिया। अब दाल-भात सेंटर को खाद्यान्न् देने से मना कर दिया। छत्तीसगढ़िया भोला जरूर होता है, पर कमजोर नहीं। छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता वाले नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी का प्रदेश की जनता ईंट से ईंट बजा देगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों का पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने जवाब दिया है। डॉ रमन ने कहा कि दाल-भात सेंटर गरीबों के लिए शुरू किया गया था। इसे बंद करके सरकार ने साबित कर दिया कि उनका आर्थिक प्रबंधन कमजोर है। केंद्र सरकार ने सिर्फ चावल देने से मना किया है।
प्रदेश में भाजपा सरकार के समय से ही एक स्र्पये प्रति किलो के हिसाब से चावल दिया जा रहा है। ऐसे में क्या राज्य सरकार चावल का इंतजाम नहीं कर सकती है। यह प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। कांग्रेस सिर्फ वोट की राजनीति के लिए बड़े-बड़े वादे करती है। प्रदेश आर्थिक अराजकता की स्थिति में फंस गया है। सिर से पैर तक कर्ज में डूबने वाली सरकार की स्थिति लोकसभा चुनाव के बाद क्या होती है, यह देखने वाला होगा।



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