छत्तीसगढ़

लोकसभा चुनाव की प्रबल प्रत्याशी धनेन्द्र साहू को महासमुंद और भोलाराम साहू को राजनांदगांव सीट देने के बाद दुर्ग का समीकरण   असमंजस में पड़ गया

By: हरिमोहन तिवारी
2019-03-24 11:31:52 AM
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लोकसभा चुनाव की प्रबल प्रत्याशी धनेन्द्र साहू को महासमुंद और भोलाराम साहू को राजनांदगांव सीट देने के बाद दुर्ग का समीकरण   असमंजस में पड़ गया

 साहू बाहुल्य इस क्षेत्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता को उम्मीदवार घोषित कर भाजपा को बड़ी चुनौती दी है। 


महासमुंद - कांग्रेस के वरष्ठि नेता व अभनपुर क्षेत्र के विधायक धनेंद्र साहू को महासमुंद लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया गया है।  67 वर्षीय धनेंद्र साहू अभनपुर विधानसभा क्षेत्र का 1993 से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे पांच बार अभनपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतते रहे हैं। वर्ष 1993, 1998, 2003, 2013 और 2018 में वे अभनपुर विधायक चुने गए। वर्ष 2008 से 2011 तक छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अविभाजित मध्यप्रदेश में 1998 में धनेंद्र साहू जल संसाधन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री रहे।

वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय तत्कालीन कांग्रेस सरकार जोगी मंत्रिमंडल में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के स्वतंत्र प्रभार मंत्री रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता को लोकसभा चुनाव लड़ाने हाईकमान ने निर्णय लिया है।

तीन जिलों तक फैला है इस लोकसभा सीट का दायरा

महासमुंद संसदीय क्षेत्र में महासमुंद जिले के चार सराईपाली, बसना, खल्लारी और महासमुंद विधानसभा के अलावा गरियाबंद जिला से बिन्द्रानवागढ़ और राजिम विधानसभा शामिल हैं। इसी प्रकार धमतरी जिले के दो विधानसभा कुरूद और धमतरी भी महासमुंद संसदीय क्षेत्र में आते हैं।

हाईप्रोफाइल और कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर एक बार फिर सबकी निगाहें टिकी हुई है। गौरतलब है कि कांग्रेस के कद्दावर नेता विद्याचरण शुक्ल की कर्मस्थली रहे महासमुंद लोकसभा में उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी बनने अनेक नेता कतार में थे।

ऐसे में हाईकमान ने जाति कार्ड खेलते हुए साहू बाहुल्य इस क्षेत्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता को उम्मीदवार घोषित कर भाजपा को बड़ी चुनौती दी है। पिछले दो लोकसभा चुनाव से भाजपा के चंदु लाल साहू यहां से सांसद हैं।

ऐसा है इस सीट का जातिगत समीकरण

पिछड़ा वर्ग बाहुल्य इस क्षेत्र में जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर महासमुंद संसदीय क्षेत्र से धनेन्द्र साहू को उम्मीद्वार बनाए जाने की चर्चा हो रही है। कांग्रेस जनों में जहां उत्साह है। वहीं भाजपा अब तक उम्मीद्वार की घोषणा नहीं कर पाई है।

भोलाराम साहू राजनांदगांव से....
राजनांदगांव लोकसभा सीट से भोलाराम साहू को अपना उम्मीदवार बनाया है। खुज्जी से विधायक रह चुके भोलाराम साहू का टिकट हाल ही में विधानसभा चुनाव में काट दिया गया था। पार्टी ने तभी भोलाराम साहू को लोकसभा में मौका देने का इशारा किया था। 

इसका सीधा असर दुर्ग पर 

पिछली बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने एकमात्र दुर्ग की सीट जीती थी ! जहां से मौजूदा गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भाजपा की कद्दावर सरोज पाण्डेय को करारी हार दी थी ! यही वजह है कि, कांग्रेस आलाकमान को दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से ताम्रध्वज साहू की पसंद को भी विशेष महत्त्व देना स्वाभाविक है ! लेकिन महासमुंद से साहू समाज के धनेन्द्र साहू और राजनांदगांव से भोलाराम साहू को प्रत्याशी बनाए जाने से अब मामला कुछ खटाई में पड़ता नजर आ रहा है ! 
मंत्री ताम्रध्वज साहू के बड़े पुत्र जीतेन्द्र साहू को दुर्ग से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा पिछले कई दिनों से जोरों पर रही है ! लेकिन   फ़िलहाल छत्तीसगढ़ की 11 में से 9 उम्मीदवारों  की घोषणा के साथ रोकी गई सीट में से दुर्ग का मामला असमंजस में पड़ गया है ! उल्लेखनीय है कि,अभनपुर विधानसभा क्षेत्र से धनेंद्र साहू के निकटतम प्रतिद्वंदी रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर साहू को महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतारे जाने का कयास भी लगाया जा रहा है। वहीं अजय चंद्राकर सहित अनेक वरिष्ठ भाजपा नेताओं का नाम संभावित उम्मीद्वारों की सूची में शामिल हैं।



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