छत्तीसगढ़

साइकिल से गिरने पर अधेड़ का पैर टूटा, अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने कह दिया 'प्राइवेट अस्पताल' जाओ

By: डीएनए न्यूज़। महासुमन्द
2019-02-28 05:17:30 PM
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Share on: प्रकाश सिन्हा

  • मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुरकोनी का, 2 घंटे तक दर्द से तड़पता रहा मरीज

महासमुंद/पिथौरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भुरकोनी में टूटे हुए पैर के प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचे मरीज और उसके परिजन गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन डॉक्टर ने उसका इलाज नहीं किया। मरीज 2 घंटे तक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टर ने न तो दर्द के लिए इंजेक्शन लगाया और न ही कोई टेबलेट दिया। 

मामला मंगलवार रात करीब 8 बजे के आसपास का बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कोदोपाली के ग्राम चुर्रुपाली निवासी मंगतूराम साहू (60) साइकिल से अपने घर वापस लौट रहा था। तभी कोलदा और अपने गांव के बीच साइकिल अनियंत्रित हो गई और वह गिर गया। इससे मंगतूराम का दांया पैर टूट गया। तभी राहगिरों ने उसकी मदद की और पिकअप में लेकर भुरकोनी अस्पताल पहुंचे। साथ ही मंगतूराम के बेटे कृष्ण कुमार साहू को घटना की जानकारी दी। 

गाड़ी से नहीं उतारा गया मरीज को

भुरकोनी अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए चिकित्सकों से संपर्क किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बगैर इलाज के ही मरीज को प्राइवेट अस्पताल ले जाने कह दिया। यही नहीं डॉक्टरों ने मरीज को गाड़ी से उतारा ही नहीं। मंगतूराम पिकअप में ही बैठे-बैठे दर्द से कराहता रहा। इस दौरान मरीज और उसका बेटा मरहम पट्टी न सही दर्द निवारक इंजेक्शन या टेबलेट देने की विनती करते रहे, लेकिन प्रभारी चिकित्सक एसएस साहू ने मरीज काे गाड़ी से उतारने से मना कर दिया। 

परिजनों के साथ सरपंच और पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी

मामले की जानकारी लगते ही सरपंच संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्राथमिक उपचार देने की बात कही, लेकिन प्रभारी चिकित्सक ने एक न सुनी। इस दौरान पहुंचे पत्रकार ने भी डॉक्टर से निवेदन किया, लेकिन उन्होंने इलाज के बजाय कार्रवाई करने की धमकी दे डाली। मौके पर मौजूद पत्रकारों ने 108 को फोन किया, लेकिन गाड़ियां बाहर थी। इसके बाद 112 को फोन कर मदद मांगी गई। मौके पर पहुंची 112 की मदद से मंगतूराम को बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। 

चिकित्सकों ने की शिकायत, विरोध में उतरा सरपंच संघ

इधर, इस पूरे मामले में चिकित्सकों ने उल्टे पीड़ित के खिलाफ थाने में कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दी है। वहीं चिकित्सकों के इस कृत्य के विरोध में पिथौरा सरपंच संघ उतर आया है। सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नीलकंठ साहू ने कहा कि चिकित्सक ने अमानवीय कृत्य के साथ जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया है। ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं इस मामले में श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष स्वप्निल तिवारी ने कहा कि पत्रकार खबर कवरेज करने के लिए मौके पर पहुंचा था, उसके खिलाफ भी चिकित्सकों ने शिकायत की है। यह पूरी तरह से गलत है। 

प्राथमिक उपचार जरूरी

इस पूरे मामले में बीएमओ डॉ तारा अग्रवाल ने कहा कि किसी भी मरीज को प्राथमिक उपचार देना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं किया है तो गलत है। वहीं भुरकोनी अस्पताल के प्रभारी एसएस साहू ने कहा कि मैंने इलाज करने से इनकार नहीं किया है। 



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