छत्तीसगढ़

राज्य सरकार ने प्रमोशन पर लगाया बैन प्रदेश भर के करीबन 10 हजार कर्मचारियों पर संकट की बादल

By: Hari mohan tiwari
2019-02-26 09:38:10 PM
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रायपुर  राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए बहुत बुरी खबर है। राज्य सरकार ने प्रमोशन पर बैन लगा दिया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने जो आदेश जारी किया है, उसके मुताबिक प्रदेश में लोक सेवा नियम 2003 के मुताबिक कर्मचारियों के प्रमोशन पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है। ये आदेश हाईकोर्ट के 4 फरवरी को दिये फैसले के बाद राज्य सरकार ने जारी किया है। 23 फरवरी को सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जीएडी की प्रमुख सचिव ऋचा शर्मा के हस्ताक्षर से ये आदेश जारी किया गया है।

दरअसल छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 के नियम 5 में पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान है। जिसके अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 12 प्रतिशत का प्रावधान था। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। पदोन्नति में प्रमोशन के मामले में 4 फरवरी को बिलासपुर हाईकोर्ट में प्रमोशन 2003 के नियम 5 के विरुद्ध WA Mo 409 2013 सहित कुल 28 याचिकाओं की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट में उक्त प्रावधान को अपास्त कर दिया। लिहाजा 4 फरवरी के बाद प्रमोशन में आरक्षण देने का प्रावधान समाप्त हो गया।

ऐसे में अब सरकार को या तो नये नियमावली तैयार करने होंगे या फिर प्रमोशन के लिए कोई दूसरा रास्ता तैयार करना होगा, लिहाजा प्रमोशन की कगार पर पहुंचे करीब 10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों पर संकट के बादल छा गये हैं।

कर्मचारियों को क्या हो सकता है नुकसान

दरअसल पदोन्नति पर बैन का प्रभाव ना सिर्फ कर्मचारियों पर नहीं बल्कि शिक्षकों पर भी पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक अगर प्रमोशन पर पूर्ण बैन लगता है, तो प्रदेश के करीब 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी, पुलिस व शिक्षक इससे प्रभावित होंगे। ऐसे में बिना प्रमोशन के अगर वो रिटायर हुए तो ना सिर्फ उन्हें वेतनमान बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फायदों व पेंशन के फिक्सेसन में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होंगा।


हाइकोर्ट के आदेश के आधार पर राज्य सरकार ने प्रमोशन पर बैन लगाने का आदेश तो जारी कर दिया है, लेकिन इसे निकट भविष्य में शुरू किया जाना संभव नहीं होगा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद या तो उन्रहें पुनर्विचार याचिका दायर करनी होगी या फिर नियमावली में संशोधन करना होगा। इन दोनों सूरत में कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों व शिक्षकों को लंबा इंतजार करना होगा। क्योंकि बिना प्रक्रिया और अध्ययन किये नया नियमावली तैयार नहीं किया जा सकता।

जारी आदेश में कहा गया है कि

“माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर द्वारा रिट याचिका 409/2013 एवं अन्य 27 याचिकाओं में पारित आदेश दिनांक 4 फरवरी 2019 के द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 के नियम 5 को अपास्त करने के कारण, राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि आगामी आदेश तक शासन के समस्त विभागों/ विभागध्यक्ष ,कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ निगम/मंडल/आयोग/प्राधिकरण/ एवं पनिया स्वशासी संस्थाओं जिनमें छत्तीसगढ़ लोकसेवा पदोन्नति नियम 2003 लागू किए हो प्रत्येक प्रवर्ग में पदोन्नति की कार्यवाही स्थगित की जाये”



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