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सीएम के आदेश को बालोद का खनिज विभाग दिखा रहा ठेंगा, पूर्व स्वीकृति बताकर ओरमा पंचायत को रेत खनन की दी अनुमति

By: रायपुर ब्यूरो
2019-02-22 05:19:07 PM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के खनिज विभाग ने सीएम भूपेश बघेल के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पूर्व स्वीकृति बताकर विवादित रेत खदान ग्राम पंचायत ओरमा को खनन की अनुमति प्रदान कर दी हैं। जिसके चलते रोजाना करीबन सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियां बेधड़क रेत भरकर निकाली जा रही हैं। इस सम्बंध में जब जिला खनिज विभाग के अधिकारी दीपक मिश्रा से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ओरमा में रेत खदान को पूर्व में ही स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी।

विवादों में आने से उक्त खदान को बंद करा दिया गया था। चूंकि ओरमा रेत खदान को पर्यावरण की स्वीकृति मिली हैं इसीलिए पूर्व स्वीकृति को देखते हुए रेत खदान संचालन करने की अनुमति पंचायत को दी गई हैं। गौरतलब हो कि सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने सदन में एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि राज्य में अब रेत खनन पंचायत नहीं बल्कि सीएमडीसी करेगी।

सरकार ने यह कदम अवैध रेत खनन की शिकायतों के मद्देनजर उठाया हैं। इसके अलावा पंचायतों का राजस्व 25 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह भी घोषणा की है कि 5 साल में पंचायतों को जो अधिकतम राजस्व मिला है, उसका 25 प्रतिशत ज्यादा राजस्व एनएमडीसी उन्हें देगी। सदन में विधायक धनेन्द्र साहू ने भी कहा था कि पिछली भाजपा की सरकार में भी हम यह बार-बार कहते थे कि रेत का अवैध खनन रोकने नीति बनाई जाए। जब अनाधिकृत और अवैधानिक ठेके हो रहे हैं तो इस पर रोक लगाने के लिए नीति बनाई जानी चाहिए।

सब जगह मजदूर हैं, लेकिन फिर भी मशीनों से खनन कर परिवहन किया जा रहा है। सीएम भूपेश बघेल में आगे कहा था कि रेत खनन के संचालन का जो अधिकार पंचायत को मिला है, उसे हम वापस लेना चाहते हैं, बल्कि 15 प्रतिशत रायल्टी पंचायत को दे दिया जाए। बिडिंग के आधार पर लोडिंग फिक्स किया जाए। बावजूद जिले का खनिज विभाग पूर्व स्वीकृति बताकर ओरमा रेत खदान को पंचायत को संचालन करने की अनुमति प्रदान कर रॉयल्टी पर्ची जारी कर दी हैं। सूत्रों की माने तो उक्त रेत खदान को पंचायत के बदले कांग्रेस नेता का कोई प्रतिनिधि संचालन कर रहा हैं।



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