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छत्तीसगढ़ : सिक्के नही लेने से पुलिस थाने में हुई शिकायत, कहा 'राजद्रोह' का हो केस दर्ज

By: डीएनए न्यूज़। महासुमन्द
2019-02-21 01:13:22 AM
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Share on: प्रकाश सिन्हा

महासमुंद/बसना। सिक्का न लेने में आनाकानी करने पर बाजार पर रोज -रोज विवाद हो रहे है ,जिसमे की ताजा मामला श्रीराम फाइनेंस कार्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है।ग्राम रसोड़ा,थाना-बसना के निवासी अरविंद साहू द्वारा अपनी एक बजाज कम्पनी की प्लेटिना गाड़ी को उक्त कंपनी से फाइनेंस करवाया था।

जिसमे अरविंद साहू द्वारा श्रीराम फाइनेंस कंपनी के आफिस में अपनी गाड़ी के पूरी किस्तो की भुगतान हेतु गया था लेकिन उक्त कम्पनी के एरिया मैनेजर खुशबू भोजवानी द्वारा किस्तो की रकम सिक्को में होने पर लेने से इनकार कर दिया गया, तथा आवेदक द्वारा कहने पर लिखित में सिक्को को लेने से इनकार करने कि पावती भी दी।

इसकी शिकायत पीड़ित अरविंद साहू द्वारा थाना बसना में लिखित में की गई। जिसमें उन्होंने थाना बसना पर भारतीय मुद्रा अपमान अधिनियम के तहत एरिया मैनेजर खुशबू भोजवानी ओर श्रीराम फाइनेंस कंपनी पर राजद्रोह के तहत मामला दर्ज करने का निवेदन किया ।

RBI बैंक का सख्त निर्देश-

सिक्का लेने से इनकार करने पर दुकानदार अथवा फर्म के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी जिसमें की RBI के नए निर्देशो में सिक्का का आदान-प्रदान कानूनी व भारत सरकार के प्रावधानों के अनुसार वैध है।

क्या कहते है कानून के जानकर

रुपये 1,2,5,10  का सिक्का राष्ट्रीय मुद्रा है,ओर भारत सरकार धारक को करेंसी का मूल्य देने का वचन देती है।RBI के नियमो के तहत भारतीय मुद्रा का कोई दुकानदार अथवा फर्म लेने से इनकार करने पर भारतीय मुद्रा अपमान अधिनियम के तहत राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हो सकता है ओर उसे जेल तक जाना पड़ सकता है।

भारतीय सविंधान में इंडियन फाइनेज एक्ट 2011 की धारा 6 के तहत सिक्को की वैधता परिभाषित की गई है जिसमे लेने से इन्कार करने पर IPC की धारा 124 A के तहत राजद्रोह का मामला दर्ज होगा।इस धारा के तहत तीन अथवा आजीवन कारावास के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है, इसके अलावा IPC की धारा के 188(सहकारी सेवक के कानूनी आदेश की अवहेलना) के तहत मामला दर्ज कर 6 माह की सजा का प्रावधान है।



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