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इस गांव ने दी लोकसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी : स्कूल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने की तालाबंदी... कहा - पहले हाईस्कूल फिर 'वोट'

By: प्रकाश सिन्हा, रायपुर
2019-01-31 11:34:04 PM
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  • पालक व ग्रामीणों ने शाला बहिष्कार कर आगामी लोकसभा चुनाव बहिष्कार करने की दे रहे चेतावनी
  • पुराने मंत्री-मुख्यमंत्री ने नही दिए ध्यान तो नई सरकार पर भरोसा

रायपुर।  उड़ीसा सीमा क्षेत्र से लगे गांव के पालको ने शिक्षा केआ महत्व समझते हुए लोकसभा चुनाव से पहले एक नारा बुलंद कर दिया।  लगभग 15 किलोमीटर दूर पढ़ने जा रहे स्कूली बच्चों के पालक कहते है अब लोकसभा चुनाव में 'हाईस्कूल' नहीं तो वोट नहीं देने का मन बना लिए है। 

दरसअल, हम बात कर रहे महासमुंद जिले के अंतिम छोर में बसे सरायपाली विकासखंड के पझरापाली पंचायत का जंहा पर
ग्रामीणों व पालक ने हाईस्कूल की बात को लेकर  शाला बहिष्कार कर खुली चेतावनी शासन-प्रशासन को दे दी है। 

बतादे की पझरापाली मिडिल स्कूल सत्र 1972 से संचालित है परन्तु आज तक हाई स्कूल नहीं खुला है ।  पझरापाली संकुल केन्द्र के आश्रित गांव बेल्डीह , जटाकन्हार , पझरापाली     में  आज पालक, ग्रामीणों ने शाला बहिष्कार किये। जिससे लगभग 400 छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है । ग्रामीणों ने बताया कि  बजट सत्र 2019-20  में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला  पाझारापाली को हाई स्कूल में उन्नयन कि मांग पूरा नहीं होने पर  बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे एवं 2019 लोकसभा चुनाव बहिष्कार करने की बात कही जा रही है।

15 किलोमीटर दूर पढ़ाई करने जाते है स्कूली बच्चे

क्षेत्र में सरकारी स्कूल 10 किलोमीटर की दूरी में शासकीय हाई स्कूल नहीं होने से इस क्षेत्र के बच्चे प्राइवेट स्कूल तोसगांव पढ़ने जाने में मजबुर है। इस क्षेत्र के गांव बेल्डीह , पाझारापाली , जटाकन्हर, भलुकोना , रजादिही , बेल्डीह पठार , गिधामुंदा एवं अन्य गांव के लोग पहाड़ी  जंगल पठार मार्ग से होकर तोषगांव प्राइवेट स्कूल पड़ने जाते हैं  इस क्षेत्र के बहुत से छात्रों ने कक्षा 8 वी पढ़ कर छोड़ देते हैं।

इस मार्ग में कोई अनहोनी घटना  घटित ना हो जाए  इस लिए अपने बच्चो को उच्च शिक्षा के लिए नहीं भेजते हैं ।  ग्रामीणों ने बताया कि बहुत से छात्रों को छुट्टी से स्कूल वापस आते समय बेहद परेशानी होती हैं जो कि बरसात के दिनों में तेज आंधी तूफान , बारिश होते हैं जिसमें डर भय बना रहता है  परन्तु इस मार्ग में बरसात के दिनों में बारिश होने से रुकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होता है।

उच्च शिक्षा से वंछित है 10 गांव

 सरायपाली विकासखंड के अंतिम छोड़ में बसा हुआ है । इस क्षेत्र  के गांव आदिवासी , हरिजन बहुतायत अधिक है ग्राम पंचायत पझरापाली में नवीन हाई स्कूल होने से इस क्षेत्र के लगभग 10  गांवों के बच्चे को लाभ मिलेगा एवं उड़ीसा सीमा से लगे होने के कारण इस क्षेत्र के भी बच्चे पड़ने के लिए आते हैं। 

पुराने मंत्री-मुख्यमंत्री ने नही दिए ध्यान तो नई सरकार पर भरोसा

ग्रामीणों ने बताया कि सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पझरापाली संकुल केन्द्र से 15 किलोमीटर तक शासकीय हाई स्कूल नहीं है । हाई स्कूल में उन्नयन के लिए कई बार से शासन, प्रशासन, विधायक मंत्री मुख्यमंत्री को भी मांग की है लेकिन पूर्व में कोई सुनवाई नहीं हुई इस साल  वर्तमान में नई सरकार को भी विधायक मंत्री मुख्यमंत्री  से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा गया है । यदि वर्तमान सरकार बजट सत्र 2019-20 में शामिल नहीं करने पर शाला बहिष्कार कर स्कूल को बन्द कराने का निर्णय लिये है । 

पालको व ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ दिया ताला, पढ़ाई बन्द
 शाला बहिष्कार कर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला  पझरापाली  को हाई स्कूल में उन्नयन करने हेतु  प्रधान पाठक द्वरा एसडीएम के नाम ज्ञापन सौपा तथा लोकसभा चुनाव बहिष्कार भी करने की चेतावनी दिए हैं ।  ग्राम पंचायत पझरापाली के दर्जन भर ग्रामीणों  पालक शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सदस्य ने आज शाला पहुंच कर पूर्व माध्यमिक शाला पझरापाली , प्राथमिक शाला पझरापाली , प्राथमिक शाला जटाकन्हर , प्राथमिक शाला बेल्डीह के स्कूल में ताला जड़ दिए । जब तक ग्राम पंचायत पझरापाली में हाई स्कूल स्वीकृति नहीं होती हैं तो यह शाला  बहिष्कार आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा ।

 



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