छत्तीसगढ़

बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए रायगढ़ जिला को उत्कृष्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

By: *हरिमोहन तिवारी/प्रकाश सिन्हा*
2019-01-24 06:20:49 PM
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बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए रायगढ़ जिला को उत्कृष्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया।


रायपुर- राज्य में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए रायगढ़ जिला को उत्कृष्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने रायगढ़ कलेक्टर यशवंत कुमार और पूर्व कलेक्टर शम्मी अवार्ड को संयुक्त रूप से सम्मानित किया। रायगढ़ जिले को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अन्तर्गत प्रभावी सामुदायिक सहभागिता के लिए यह सम्मान मिला है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस को नई दिल्ली में यह सम्मान प्रदान किया गया।  रायगढ़ जिले के कलेक्टर  यशवंत कुमार ने बताया कि

“ये पूरे रायगढ़ का सम्मान है, बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को रायगढ़ में हर तबके ने अपनाया है, ये अभियान अब एक जन जागरण का हिस्सा बन गया है”
कलेक्टर यशवंत कुमार ने इस दिशा में आगे भी काम करने की बात कही है। आपको बता दें कि पूर्व कलेक्टर शम्मी आबिदी ने बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ योजना को लेकर काफी काम किया है। उन्होंने इसे कई सस्थाओं के साथ जोड़कर एक जन जागरण में शामिल कराने में भूमिका निभायी थी। लिहाजा आज सम्मान जब उस योजना के लिए सम्मान की बारी आयी तो कलेक्टर यशवंत कुमार के साथ पूर्व कलेक्टर शम्मी आबिदी भी मौजूद रही।

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अन्तर्गत उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य के लिए रायगढ़ सहित देश के 25 उत्कृष्ट जिलों का चयन किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा इस वर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस को ’ उज्जवल भविष्य के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण’ थीम पर मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनसमान्य में बालिका लिंगानुपात के घटते स्तर जैसे सामाजिक मुद्दे पर जनचेतना बढ़ाना और बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अन्तर्गत पिछले चार वर्षों से काम हो रहा है। बालिका लिंगानुपात बढ़ाने तथा समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। इसके लिए प्रभावी सामुदायिक सहभागिता के तहत आमजनों को जोड़ा गया, जिसके फलस्वरूप जिले में लिंगानुपात वर्ष 2013-14 में 918 प्रति हजार था, जो वर्ष 2018-19 में बढ़कर 959 प्रति हजार हो गया है।



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