छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राज्य  में चार नए जिले बनाने की कवायद में जुटी नई सरकार

By: *हरिमोहन तिवारी/प्रकाश सिन्हा*
2019-01-21 10:36:54 AM
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छत्तीसगढ़ राज्य  में चार नए जिले बनाने की कवायद में जुटी नई सरकार

छत्तीसगढ़ की नई सरकार प्रदेश में चार नए जिलों का गठन कर सकती है। राजस्व विभाग इसकी गुपचुप तैयारी कर रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि नए जिलों की घोषणा 26 जनवरी को ही हो सकती है। अगर किसी वजह से तैयारी न हो पाई तो अगले 15 अगस्त तक जरूर नए जिलों का गठन हो जाएगा। चार नए जिलों के साथ ही दो नए संभागों का भी प्रस्ताव है। नए जिलों के गठन के बाद प्रदेश में जिलों की संख्या 27 से बढ़कर 31 हो जाएगी।

वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ बना तब यहां जिलों की संख्या 16 थी। तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार ने 1998 में छत्तीसगढ़ में आठ नए जिले बनाए थे। उससे पहले यहां सिर्फ आठ जिले ही थे। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद पहली बार 11 मई 2007 को बस्तर संभाग में नारायणपुर और बीजापुर जिले बनाए गए।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से पिछड़े इलाकों को जिला घोषित करने का असर बस्तर और सरगुजा के आदिवासी बहुल जिलों में साफ दिखता है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि इस मुद्दे पर शासन के अफसर फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

ये होंगे नए जिले

जिन नए जिलों का प्रस्ताव बना है उनमें

1. राजनांदगांव से काटकर मोहला मानपुर,

2. कांकेर से अलग भानुप्रतापपुर,

3. रायगढ़ से अलग करके सारंगढ़

4.बिलासपुर से अलग कर पेंड्रा-मरवाही का नाम लिया जा रहा है।

राजस्व अमला नए जिलों की सीमा निर्धारित करने और नक्शा बनाने में जुटा है।

कांकेर और राजनांदगांव बन सकते हैं संभाग

प्रदेश में वर्तमान में पांच संभाग हैं। इनमें बस्तर, सरगुजा, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर शामिल हैं। अब संभागों की संख्या बढ़ाकर सात करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि कांकेर को अलग संभाग बनाकर इसमें बालोद, कोंडागांव और भानुप्रतापपुर जिलों को जोड़ा जा सकता है। दुर्ग संभाग से राजनांदगांव को अलग कर नया संभाग बनाया जा सकता है। इसमें मोहला मानपुर और कवर्धा जिलों को शामिल किया जा सकता है।



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