छत्तीसगढ़

सत्य घटना: नाती से मिलने मृतक नाना ने खोली आँख...अंतिम संस्कार करने पहुंचे लोगों में मचा हड़कंप, 8 घण्टे तक परिवार के साथ बिताने के बाद ली आख़री सांस...

By: हरिमोहन तिवारी/प्रकाश सिन्हा
2019-01-04 10:34:48 AM
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नाती के प्यार ने मौत को दे दी मात 2 घंटे से मृत्यु शैया पर पड़े नाना ने नाती से मिलने यमराज से ली 8 घंटे की मोहलत और यमलोक से लौटकर अपनों के बीच में बिताए 8 घंटे,आश्चर्य! किंतु सत्य घटना...

रायपुर/सूरजपुर। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम लांची में एक चौकाने वाली घटना सामने आई है, 70 वर्षीय वृद्ध की मौत के बाद जब घर मे मातम छाया था और अंतिम संस्कार के लिए लोग जुटने लगे तो मृत्यु सैय्या पर पड़े 70 वर्षिय वृद्ध ने अपने नाती का सानिध्य पाकर आँखे खोल दी और ऐसा करते ही मातमी माहोल खुशियों में बदल गया लेकिन खुशियों का यह माहोल 7-8 घंटे ही कायम रहा, देर रात 11 बजे फिर अधेड़ हमेशा के लिए चिरनिंद्रा में विलिन हो गया।

गौरतलब है की ग्राम लांची बड़कापारा निवासी सोहन सिंह आत्मज स्वर्गीय सुखलाल सिंह, चिरमिरी कोयला खदान में काम करने के उपरांत करीब 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो गया था ओर यहाँ ग्राम लांची में रहकर कृषि कार्य कर रहा था। गत 2 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे अचानक उसकी हृदय गति रुक जाने पर गांव के ही गुनिया- बैगा वगैरह ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी और परिजन रोने-बिलखने लगे। रिश्तेदारों और परिजनों को उनकी मृत्यु की सूचना भी दे दी गई, अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो गई लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि गमजदा परिवार रोने की बजाए खुशियों में झूमने लगा।

नाती का स्पर्श पाकर खोल दी सोहन ने आंखें - परिजनों व पड़ोसियों ने बताया की रिटायर कालरीकर्मी  सोहन सिंह की मौत की सूचना पाकर बढ़पारा भटगांव से मृतक सोहन सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने उसका नाती व परिवार के अन्य सदस्य लांची पहुंचे थे। जब सारा का सारा परिवार गम में डूब रो-बिलख रहा था और नाती ने अपने नाना के शरीर को छूकर आवाज लगाई तो आश्चर्य से सबकी डब-डबाई आंखें खुली की खुली रह गई। नाती का स्पर्श पाकर मृत नाना ने आंखें खोलकर सबको चौका दिया। बताते हैं कि इशारों ही इशारों में नाती व नाना ने घंटो बात की और नाती ने अपने नाना को दूध भी पिलाया।

8 घंटे की मोहलत लेकर फिर यमलोक लौटे सोहन - मौत के दो घंटे बाद पुनः इस दुनिया में लौटे सोहन सिंह के पुत्र लोकनाथ सिंह ने बताया कि अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच उनके पिता को करीब 8 घंटे का अतिरिक्त जीवन दान मिला। करीब 3 बजे से रात 11 बजे तक वे 8 घंटे पुनः जिवित रहे। यू कहां जाएगी की यमलोक से मोहलत लेकर वे 8 घंटे के लिए वापस आए थे, इस बीच वे परिवारिक सदस्यों व रिश्तेदारों के साथ मिलते रहे। उन्होंने जल व दूध के अलावा कुछ भी ग्रहण नहीं किया। इशारों में ही बात की और देर रात 11 बजे वे हमेशा के लिए वापस यमलोक लौट गये। दूसरे दिन 12 बजे स्वर्गीय सोहन सिंह के पार्थिव देह का अंतिम संस्कार गृह ग्राम लांची में गणमान्यजनों, रिश्तेदारों व परिजनों की मौजूदगी में किया गया।



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