छत्तीसगढ़

मंजे हुए छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री के किरदार में नजर आए भूपेश बघेल

By: प्रकाश सिन्हा/रोहन सिन्हा रायपुर/राजनांदगांव
2018-12-29 12:30:56 AM
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  • पूजा अर्चना के पश्चात सामान्य भक्तों की तरह जमीन पर बैठकर किया प्रसाद ग्रहण

राजनांदगांव। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज डोंगरगढ़ में मंजे हुए मुख्यमंत्री के किरदार में नजर आए। अपना भाषण छत्तीसगढ़ी में दिया। भाजपा पर आरोप लगाए लेकिन भाषा संयत रही। ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज में वे मां बम्लेश्वरी के दर्शन के बाद मंदिर प्रांगण में ही अपने साथी कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गए और प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री को इस तरह जमीन पर बैठा हुआ देखकर उनके साथ आए अतिथि चकित रह गए। ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज में उन्होंने भाषण में लोकसभा की तैयारियों के लिए भी कमर कसने का अनुरोध कार्यकर्ताओं से किया।

उन्होंने कहा कि आपने एकजुटता दिखाई, हर बूथ में आप योद्धा की तरह डटे रहे और जनता ने हमें चुना। अब लोकसभा की बारी है। इसके लिए कड़ी मेहनत कीजिए। कर्जमाफी के लिए पैसा कहां से आएगा, विरोधी पार्टी के इस आरोप पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि उनको लगता है कि सारा बजट तो वे ही खत्म कर चुके हैं लेकिन छत्तीसगढ़ का बजट एक लाख करोड़ रुपए का है इसमें हम किसानों को उनका वाजिब हिस्सा देते हैं तो यह उनका अधिकार भी है और हमारी जिम्मेदारी भी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कुछ पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आबकारी विभाग द्वारा क्या फिर से ठेकेदारों के माध्यम से शराब बिकवाई जाएगी, इस बात पर उन्होंने कहा कि अभी तो कैबिनेट में यह मुद्दा ही नहीं आया। डोंगरगढ़ में रेलवे लाइन के लिए किसानों की जमीन पर रेलवे द्वारा बिना अधिग्रहण काम शुरू करा देने का मुद्दा सामने आया। इस पर कलेक्टर  भीम सिंह ने कहा कि काम रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

वरिष्ठ नेता अमितेष शुक्ल को मंत्री नहीं बनाये जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कुछ वरिष्ठय साथियों के अनुभव का लाभ नहीं ले पाए, इसकी पीड़ा मुझे भी है लेकिन हम सुनिश्चित करेंगे कि सबके अनुभव का लाभ हम प्रदेश को आगे बढ़ाने में ले सके। मुख्यमंत्री के संक्षिप्त प्रवास में जिले के चारों कांग्रेसी विधायक एवं नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरियाय उपस्थित थे। वहीं मंदिर परिसर पर ही डोंगरगढ़ के नागरिकों ने उनका सम्मान किया।

मुख्यमंत्री भूपेश ने मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने पहुंचे

अधिकांश भक्तों की तरह ही मुख्यमंत्री दर्शन के पश्चात मंदिर परिसर में भूमि में बैठ गए और यहां पर अन्य अतिथियों के साथ प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डोंगरगढ़ के नागरिकों से भेंट की और नागरिकों ने उनका सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां बम्लेश्वरी की असीम कृपा से प्रदेश खुशहाली के रास्ते बढ़ रहा है। किसान भाइयों का संतोष सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है और इसे दृष्टिगत रखते हुए सरकार ने सबसे पहले कैबिनेट की बैठक में ही कर्जमाफी और 2500 रुपए प्रति क्विंटल में धान बोनस के वायदे को प्राथमिकता से निभाया।

उन्होंने कहा कि हमारी किसानों के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है और किसानों का यह पूरा अधिकार है कि अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त करें। श्री बघेल ने कहा कि किसानों को राहत देने से बाजार में खुशहाली आएगी क्योंकि किसानों के पास अपनी खेती में निवेश करने के लिए पूंजी आएगी। किसानों के पास बिल्कुल भी बचत नहीं हो पा रही थी इसलिए उनकी खेती पिछड़ रही थी।

किसानों की खुशहाली से बाजार भी समृद्ध होगा और सभी वर्गों के लिए बेहतर आर्थिक स्थिति तैयार होगी। उन्होंने कहा कि टाटा द्वारा अधिग्रहित 4200 एकड़ भूमि किसानों को लौटाई गई है। यह बहुत महत्वपूर्ण निर्णय शासन द्वारा लिया गया है। चाहे आम उपभोक्ताओं के लिए हो अथवा किसानों के लिए हो, बिजली बिल आधा करने का निर्णय शासन ने लिया है। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के लिए किए गए वायदे पूरे होंगे। चाहे वे कर्मचारियों के लिए हों, पुलिस के लिए हों अथवा पत्रकार साथियों के लिए हो। 



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