छत्तीसगढ़

कांग्रेस के ख़ास उत्कृष्ट विधायक को मिलेगा मंत्री पद, संभावित विधायकों किया DNA टेस्ट, देखे पूरी रिपोर्ट...

By: हरिमोहन तिवारी/प्रकाश सिन्हा
2018-12-14 03:19:27 PM
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खास उत्कृष्ट वाले विधायकों को कैबिनेट में मिलेगा स्थान

रायपुर- 15 साल का वनवास कटने के बाद कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों में कई ऐसे खास पृष्ठभूमि वाले नेता चुनकर आए है, जिनका राज्याभिषेक होना तय माना जा रहा है। उम्मीदों के विपरीत कांग्रेस की जबरदस्त वापसी के बाद नई सरकार में कौन-कौन विधायक मंत्रिमंडल के हिस्सा होंगे परिणाम आने के बाद शुरू हो गए है। राजनीतिक प्रेक्षकों की नजर में 68 में से ये खास है जिनका मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है।

  • सत्यनारायण शर्मा

विशेषता: अनुभवी विधायक, दिग्विजय सिंह और अजीत जोगी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे है। लगातार रायपुर ग्रामीण का प्रतिनिधित्व का मौका जनता ने दिया है। अपने सहज मिलनसार व्यक्तित्व के चलते शर्मा का सभी बड़े नेताओं से तालमेल बहुत बढिय़ा है। विधानसभा अध्यक्ष के लिए कांग्रेस की ओर से नाम बढ़ाया गया है।

  • रविन्द्र चौबे

विशेषता: अविभाजित मध्यप्रदेश में सत्यनारायण शर्मा और रविंद्र चौबे की जोड़ी चर्चा में रही है। दोनों दिग्विजय सिंह खास माने जाते रहे है। चौबे की पारिवारिक पृष्ठभूमि देखे तो पूरा परिवार साजा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे है। उनके संसदीय ज्ञान और अनुभव के चलते विधानसभा अध्यक्ष के लिए कांग्रेस की ेओर से दूसरे उम्मीदवार है।

  • धनेन्द्र साहू

विशेषता : किसान नेता के तौर पर भी पहचान बनाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेंद्र साहू पीसीसी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अजीत जोगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। प्रदेश में सियासी रूप से शक्तिशाली माने जाने वाले साहू समाज से आते हैं। इसलिए इनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है।

  • अमितेश शुक्ल

विशेषता : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल के पौत्र और पूर्व मुख्यमंत्री पं. श्यामाचरण शुक्ल के पुत्र होने के साथ हाईकमान से सीधा जुड़ाव है। अनुभवी नेता, जोगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। शुक्ल परिवार के सदस्य होने के कारण उन्हें महत्वपूर्ण दायित्व सैंपा जा सकता है। इस बार 58 हजार से ज्यादा वोट से चुनाव जीतकर आए है। जिसके चलते अमितेश शुक्ल का मंत्री बनना तय माना जा रहा है।

  • कवासी लखमा

विशेषता: कवासी लखमा लगातार चौथी बार विधायक बनकर आए हैं। धुर नक्सल प्रभावित इलाके से आते हैं। वे बस्तर के दूसरे टाइगर के नाम से भी जाने जाते है। पिछले विधानसभा में सबसे आक्रमक नेता की छवि रही है। हर मुद्दे पर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़े करते रहे है। आदिवासी नेता होना और संगठन में अच्छी पकड़ ऐसे कई कारण हैं जो कवासी लखमा को मंत्रिमंडल का सदस्य बना सकते हैं।

  • मनोज मंडावी

विशेषता : अनुभवी विधायक मनोज मंडावी जोगी सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें कद्दावर आदिवासी नेता भी माना जाता है। बस्तर में कांग्रेस को मिली सफलता को देखते हुए इलाके से कम से कम दो मंत्री की संभावना बन रही है ऐसे में मनोज मंडावी का दावा मजबूत है।

  • अरुण वोरा

विशेषता: दुर्ग शहर से चुनाव जीतकर आने वाले अरुण वोरा भी अनुभवी विधायक हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के पुत्र हैं। कांग्रेस हाईकमान के साथ प्रादेशिक नेताओं से करीबी संबंध पहचान है। इसी तरह की तमाम खासियत इशारा कर रहे हैं कि अरुण वोरा मंत्री बन सकते हैं।

  • डॉ. शिव डहरिया

विशेषता: जातिय समीकरण में संतुलन बनाने सतनामी समाज से अनुभवी विधायक डा. शिव डहरिया को मंत्री पद मिलना जा रहा है। बीएएमएस ग्रेज्यूयेट है। पिछली सरकार में एससी वर्ग से दो मंत्री थे। ऐसे में इस सरकार में भी कम से कम सतनामी समाज से दो नेता मंत्रिमंडल में जगह बना सकते हैं। शिव डहरिया प्रदेश प्रभारी के करीबी है। जिसका लाभ उन्हें मिल सकता है।

  • अमरजीत भगत

विशेषता: सरगुजा में इस बार 14 में से 14 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया है, सीतापुर विधानसभा में राहुल गांधी की पहली सभा यहीं हुई थी, यहां से तेज तर्रार आदिवासी नेता अमरजीत भगत ने बड़े अंतर में जीत दर्ज की है। मंत्रिमंडल में शामिल होना तय है। टीएस सिंहदेव के भी खास रहे है। लेकिन उनका सभी नेताओं के साथ समन्वय है।

  • खेलसाय सिंह

विशेषता : अनुभवी विधायक खेलसाय सिंह भी सरगुजा संभाग से आते हैं उनका दावा भी मंत्रिमंडल में जगह बनाने के लिए मजबूत माना जा रहा है।

  • जय सिंह अग्रवाल

विशेषता: अनुभवी विधायक कोरबा जिले में पार्टी को मिली सफलता को देखते हुए कम से कम एक विधायक को यहां से मंत्री बनाया जा सकता है। साफ छवि भी अग्रवाल का दावा मजबूत करती है।

  • मोहम्मद अकबर

विशेषता: पार्टी का अल्पसंख्यक चेहरा, इस बार सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से चुनाव जीते हैं, वो भी मुख्यमंत्री के गृहनगर कवर्धा से। अनुभवी और जानकार विधायक के रूप में जाने जाते हैं। ऐसे में अकबर का मंत्री बनना तय है.

  • उमेश पटेल

विशेषता: झीरम कांड के नंदकुमार पटेल के पुत्र युवा नेता और युवक कांग्रेस के अध्यक्ष उमेश पटेल पार्टी के युवा चेहरा है,इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रसे के गढ़ को बचाने की पूरी ताकत झोंक कर पूर्व आईएएस ओपी चौधरी को चुनाव हराने का इनाम मिलना तय माना जा रहा है।

  • रुद्रगुरू

विशेषता: सतनामी समाज में खासा पकड़ वाले इस नेता को इस बार सीट ही नहीं जिला ही बदलकर मैदान पर उतारा गया और उन्होंने पार्टी को निराश नहीं किया और अहिवारा से बड़ी अंतर से जीत दर्ज कर समाज में मजबूत पकड़ को साबित किया है।

  • अनिला भेडिय़ा

विशेषता : लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। आदिवासी समाज से आती हैं। उन्हें इस बार मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।

  • अनिता योगेंद्र शर्मा

इसके साथ ही अंबिका सिंहदेव, शकुंतला साहू और अनिता योगेंद्र शर्मा भी महिला मंत्री के तौर पर दावा पेश कर रही हैं। अनिता योगेंद्र शर्मा को उनके शहीद पति के बलिदान देने के कारण सबसे मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।



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