छत्तीसगढ़

विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन का वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक आयोजन में गीत और नृत्य से शानदार आगाज़

By: हरिमोहन तिवारी, रायपुर
2018-12-12 05:41:11 PM
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रायपुर. विगत रविवार विप्र स्वास्थ्य सेवा संगठन ने वृन्दावन हाल के दर्शकदीर्घा में प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के साथ वार्षिकोत्सव का आयोजन किया। एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक तथा एनाटोमी विभाग अध्यक्ष डॉ मृत्युंजय राठौर ने विप्र स्वास्थ्य सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश दीवान एवं सदस्यों के साथ सरस्वती माता की तस्वीर के सामने वन्दना के साथ दीप प्रज्ज्वलित करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


 कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम का संचालन कर रही संगठन की प्रदेश महासचिव सुनीता शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश दीवान ने अपने उद्बोधन में  मुख्य अतिथि व विशेष अतिथियों को विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन के उद्देश्यो और गरीबो तथा जरूरतमन्दों के लिए राज्य के विभिन्न स्थानों में किये जा रहे विभिन्न सेवा कार्यो की जानकारियां दी।

मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के ANATOMY विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युंजय राठौर ने अपने सम्बोधन के दौरान स्वास्थ्य के लिए योग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी दैनंदिनी कार्यो के समय उठने, बैठने के दौरान अपने शरीर की अवस्था का ध्यान रखें तो हमे किसी भी प्रकार का शारीरिक दर्द नही होगा। आपने योग और ध्यान को अपनाकर स्वस्थ रहने की प्रेरणा दी।
 वही विशिष्ट अतिथि संकल्प नर्सिंगहोम के संचालक व सुविख्यात अस्थिरोग विशेषज्ञ  समाजसेवी डॉ शैलेंद्र उपाध्याय ने समाज के जरूरतमन्दों के लिए सेवा कार्यो को जरूरी बताते हुए विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन द्वारा किये जा रहे स्वास्थ्यगत निःशुल्क आयोजनों की प्रशंसा करते हुए वि.स्व.सेवा संगठन को हर संभव सहयोग देने की बात कही।

वही विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन के साथ शुरू से जुड़े हुए संगठन के सम्मानित सदस्य लोटस हॉस्पिटल राजातालाब के यूरो सर्जन डॉ आशीष शर्मा ने  मुख्य अतिथि को संगठन द्वारा झुग्गीवासियों, ग्रामीणों, बुजुर्गो के लिए किये जा रहे विभिन्न सेवा कार्यो की जानकारियां दी। विशेष अतिथि के रूप में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के सुविख्यात चर्म रोग विशेषज्ञ व ग्लोरियस पब्लिक स्कूल माना, के संचालक डॉ एस के अग्रवाल ने अपने आशिर्वचन में वि.स्व.सेवा संगठन सदस्यों को अपने सेवा कार्यों में लगातार सक्रिय रहने हेतु प्रेरणादायक बातें कहीं।


  वही विशेष अतिथि के रूप में जिला सहायक परियोजना अधिकारी श्री चुन्नीलाल शर्मा जी ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को संगठित होकर कार्य करना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में सोशियल मीडिया का उपयोग ज्ञान बढाने हेतु करना चाहिए। आपने सोशियल मीडिया को समाजसेवी कार्यों के लिए सशक्त माध्यम बताया।
  इस अवसर पर विप्र स्वास्थ्य सेवा संगठन द्वारा सुविख्यात पत्रकार और साहित्यकार श्री रमेश दुबे जी का समाजसेवा में लेखन के माध्यम से अभूतपूर्व सेवा करने के लिए मुख्य अतिथि के हाथों से सम्मानित किया गया।

सम्मान की कड़ी में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओ को उल्लेखनीय सेवाकार्यो के लिए सम्मानित किया गया जिनमे संभव सोशियल  वेलफेयर सोसायटी, चितवन वृद्धाश्रम के श्री प्रशांत पांडे, आशीर्वाद ब्लड बैंक के श्री श्याम केशवानी, सामाजिक संस्था 'प्रयास एक कोशिश' के श्री विनोद छेतीजा, सरस्वती कन्या शाला की प्रधान अध्यापिका श्रीमती किरण मिश्रा, डे केअर बुजुर्ग सेवा आश्रम की संचालिका श्रीमती ममता शर्मा, बिलासपुर में निस्वार्थ सेवा कार्यकर्ता श्री योगेश पाटनवार व अनामिका पाटनवार, दुर्ग के सेवानिवृत्त स्वास्थ्य जागरूकता अधिकारी श्री अशोक शर्मा, पेंशनर्स यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष श्री चेतन भारती, प्रख्यात हास्यकवि श्री मूलचंद शर्मा व अन्य समाजसेवी शामिल रहे।


   वार्षिकोत्सव आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमो की धूम रही। गीत, नृत्य और कविसम्मेलन के दौरान कु गौसिया खान ने स्वागत गीत गाया।
संगठन उपाध्यक्ष इंजी हरीश दीवान ने अपने सोलो सांग "मैं शायर तो नही.."  गाने के बाद श्रीमती तृप्ति दीवान के साथ युगल गीत "अजनबी कौन हो तुम.." गाकर सभा को सांस्कृतिक कार्यक्रमो की रंगीन किरणों से रौशन किया। वही वीएसएसएस के रायपुर जिला अध्यक्ष डॉ दिनेश ने "जिंदगी एक सफर है सुहाना तथा संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी. हरीश दीवान और जिला सचिव सैय्यद फारुख ने "सलामत रहे दोस्ताना हमारा.." गाने की सुमधुर प्रस्तुति दी।

वहीं जिला उपाध्यक्ष डॉ वन्दना के साथ सैय्यद फारुख ने युगल गीत "एक प्यार का नगमा है.." गाया। संगठन की वरिष्ठ सदस्या आरती ने "अंखियों के झरोखों से..", डॉ दिनेश और आरती ने युगल गीत "रिमझिम के गीत सावन गाए हाय.." गाया। डॉ वन्दना ने "दिल तो है दिल दिल का एतबार क्या कीजे.." सोलो सांग गाकर उपस्थितों को अपनी मधुर आवाज से परिचित कराया।
   कत्थक तथा लोकनृत्य में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिका कु दिव्यांशी शर्मा ने "छत्तीसगढ़ के भुइयां म भाग हमर जागे रे" .... गीत में मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति देकर आयोजन में चार चांद लगा दी। कार्यक्रम के आखिरी पलो में कवियों की एक से बढ़कर एक कविताओं से वृन्दावन हाल का दर्शक दीर्घा गुंजायमान हो गया। 

प्रसिद्व कवियत्री डॉ संध्या रानी शुक्ला की कविता "बेटियाँ घर के आंगन की गुलनार हैं !बेटियाँ मन के तारों की झनकार हैं.. बेटियाँ न हो तो सुना संसार है, बेटियाँ सभ्यता संस्कृति संस्कार हैं".. से बेटीयों के प्रति दर्शकों के दिलों में संस्कारित रचना का बीज बोया। वहीं सुप्रसिद्ध हास्यकवि मूलचंद शर्मा के साथ कवियत्री सुमन शर्मा बाजपेयी और श्री रामरतन शुक्ला ने असरदार कविताओं से दर्शकों मंत्रमुग्ध कर दिया।
 कार्यक्रम के समापन के दौरान संगठन की वरिष्ठ सदस्या साधना दुबे ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।



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