महासमुन्द

भलेसर- कनेकेरा के बीच बन रहा पुल, महासमुंद व गरियाबंद के 50 गांवों को सुविधा /महासमुन्द/DNA 24news

By: DNA news 24
2018-12-09 03:10:36 PM
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जोखिम लेकर पार करते थे केशवा नाला, अब भलेसर- कनेकेरा के बीच बन रहा पुल, महासमुंद व गरियाबंद के 50 गांवों को सुविधा

महासमुन्द/DNA 24news

 भलेसर-कनेकेरा के बीच केशवा नाला में टी बीम-स्लैब सिस्टम से ब्रिज तैयार किया जा रहा है। इस पुल के निर्माण होने से.

 जोखिम लेकर पार करते थे केशवा नाला, अब भलेसर- कनेकेरा के बीच बन रहा पुल, महासमुंद व गरियाबंद के 50 गांवों को सुविधा भलेसर-कनेकेरा के बीच केशवा नाला में टी बीम-स्लैब सिस्टम से ब्रिज तैयार किया जा रहा है। इस पुल के निर्माण होने से महासमुंद के साथ गरियाबंद जिले के 50 गांवों को आवाजाही में सीधे तौर पर सहूलियत होगी। बारिश के दिनों लोग जाेखिम भरा सफर नहीं करना पड़ता था। पुल का निर्माण 3 करोड़ 86 लाख की लागत से किया जा रहा है। 

इस पुल की लंबाई 153 मीटर एवं चौड़ाई 8.4 मीटर की है। पुल निर्माण लगे एजेंसी पदूमन कंस्ट्रक्शन के संचालक पवन चंद्राकर का दावा है कि यह पुल इस बारिश के पहले ही तैयार कर लिया जाएगा। पहले चरण में बीन निकालने का काम किया जा रहा है। 

कम से कम 50 साल की आयु:

 सेतु निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी एलडी महाजन के अनुसार 

 ऐसे पिलरों की आयु न्यूनतम 50 साल बताई जा रही है। कोई हिस्सा डैमेज हो जाए तो उसके टी बीम को बदल दिए जाने से वह फिर नया बन जाता है। 

महासमुंद

बारिश के दिनों में जान जोखिम लेकर पार करते हुए थे लोग

हर घंटे यहां से 120 लोग गुजरते हैं 

महासमुंद से गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर, छुरा, राजिम के गांवों में आवाजाही के लिए बरसात के दिनों में लोगों को रिस्क लेकर नाला पार करना पड़ता था। अब पुल के बन जाने से लोगों को इसी बरसात में सुविधा मिल जाएगी। यहां प्रति घंटा 120 लोगों की आवाजाही होती है। 

5 पिलर पर टू-लेन पुल 

कनेकेरा- भलेसर मार्ग पर बन रहे पुल 5 पिलरों से तैयार किया जा रहा है। सड़क भले ही सिंगल लेन की है लेकिन पुल को टू-लेन का तैयार किया गया है। भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रख तैयार किए पुल में एरो-डायनेमिक बनाया जाएगा। 

महासमुंद| टी बिम्ब स्लैब से तैयार करते हुए ब्रिज। 

गरियाबंद और शहर को जोड़ती है सड़क 

कनेकेरा की दूरी शहर से 8 किमी है, जहां से गरियाबंद जिले की शुरुआत होती है। लेकिन पुल नहीं बनने के कारण लोगों को 16 किमी अतिरिक्त सफर कर जाना पड़ रहा है। पुल बनने से महासमुंद के कनेकेरा के साथ गरियाबंद जिले के जामगांव, कोसमखुटा, भेण्ड्री, रजकठ्‌ठी, फिंगेश्वर, सरगोड़, लचकेरा आदि गांव को फायदा होगा।



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