महासमुन्द

भारतीय खाद्य निगम ने किया कस्टम मिलिंग का चावल रिजेक्ट

By: डीएनए न्यूज़ महासमुंद
2018-12-05 08:52:14 PM
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भारतीय खाद्य निगम ने किया कस्टम मिलिंग का चावल रिजेक्ट

भारतीय खाद्य निगम ने कस्टम मिलिंग के चावल की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए करीब 10 लाट चावल रिजेक्ट कर दिया है।

महासमुंद. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम और भारतीय खाद्य निगम ने कस्टम मिलिंग के चावल की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए करीब 10 लाट चावल रिजेक्ट कर दिया है। चावल वापस किए जाने से राइस मिलरों का कहना है कि क्वालिटी अफसरों ने कैमिकल का सही उपयोग नहीं किया है, इसलिए क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं नान के अफसरों का कहना है कि वो कस्टम मिलिंग का पूरा चावल ले रहे हैं, वापस नहीं कर रहे हैं।

 

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 1 नवंबर 2018 से धान खरीदी की शुरुआत के बाद अब तक करीब साढ़े तीन लाख क्विंटल धान का उठाव हुआ है। करीब 42 हजार क्विंटल धान की कस्टम मिलिंग हो चुकी है। कुछ दिन पहले कस्टम मिलिंग का 20-24 लाट में चावल भेजा गया। नान और एफसीआई ने चावल की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए उसे वापस कर दिया। इस वजह से मिलर्स अब कस्टम मिलिंग का चावल भेजने से कतरा रहे हैं।

 

मिलर्स संघ के अध्यक्ष पारस चोपड़ा ने बताया कि जिले में करीब 2500 बोरा चावल एफसीआई और नान ने वापस कर दिया है। यही वजह है कि राइस मिलर अब धान के उठाव में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। एफसीआई के नीतिन सोनी का कहना है कि इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। उच्च अधिकारी ही कुछ बता पाएंगे। जानकारी के मुताबिक जिले में 145 अरवा की राइस मिलें हैं। वहीं उसना की 45। एफसीआई ने पिछले एक वर्ष से अरवा चावल लेना बंद कर दिया है। अरवा की जरूरत नागरिक आपूर्ति निगम को है, इसलिए जिले में अरवा चावल के लिए 14 लाख क्विंटल धान की मिलिंग का लक्ष्य है। वहीं एफसीआई द्वारा उसना चावल लेने के बाद से पांच अरवा की राइस मिलें बंद हो चुकी हैं।

 

दूसरे की ऋण पुस्तिका का उपयोग

किसान अपनी उपज बेचने के लिए दूसरे किसानों की ऋण पुस्तिका का उपयोग कर रहे हैं। सोमवार को एसडीएम ने धान खरीदी केंद्र पटेवा का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि खरीदी केंद्र में पड़े धान के ढेर में पांच ढेर ऐसे थे, जिसके वास्तविक किसान वहां नहीं मिले। जांच के आधार पर 340 क्विंटल धान जब्त कर कार्रवाई की गई।

 

धान खरीदी के एक महीने बाद बढ़ी मुश्किलें

जिले में धान के उठाव की गति धीमी होने के बाद खरीदी में 20 फीसदी कटौती के निर्णय से अफरा-तफरी मच गई है। किसान इसका विरोध भी कर रहे हैं। वहीं मिलर्स भी शासन की नीति से परेशान हैं। धान केंद्रों में जाम की स्थिति निर्मित हो गई है। नोडल अधिकारी डीएल नायक की मानें तो 10 दिसंबर के बाद फिर से धान खरीदी की व्यवस्था ठीक हो जाएगी। परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इधर, बारदाने की कमी सोसाइटियों में कई दिनों से बरकरार है।

 

फैक्ट फाइल

अरवा राइस मिल-145 

उसना राइस मिल-40

14 लाख क्विंटल का होना है कष्टम मिलिंग

6.5 मिट्रिक टन होगी धान की खरीदी 

122 धान उपार्जन केंद्रों में हो रही खरीदी 

किसानों ने 1579456.30 क्विंटल धान बेचा

 

लाट वापस नहीं कर रहे हैं

मिलरों से प्रतिदिन कस्टम मिलिंग का चावल ले रहे हैं, लाट वापस नहीं कर रहे हैं। 

ए मैत्रा, जिला प्रबंधक, नान, महासमुंद



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