महासमुन्द

चंडी मंदिर में अब भालुओं को पर्यटक नही खिला पाएंगे प्रसाद सुरक्षा को देखते हुए अधिकारियों ने लिया निर्णय

By: डीएनए न्यूज़ महासमुंद
2018-12-03 06:41:43 PM
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चंडी मंदिर में अब भालुओं को पर्यटक नही खिला पाएंगे प्रसाद सुरक्षा को देखते हुए अधिकारियों ने लिया निर्णय

महासमुंद. 

 

वन मुख्यालय ने महासमुंद वन मंडल को पत्र जारी कर भालुओं की आमद पर रोक लगाने के निर्देश दिए है. भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने यह निर्णय लिया है. जिससे चंडी मंदिर में अब पर्यटकों को भालू दिखाई नहीं देंगे और अब भालुओं को अपने हाथों से प्रसाद नहीं खिला पाएंगे. अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना घट सकती है, इसलिए भालूओं के पास पर्यटकों को रोकने की कवायद शुरू कर दी गई है.

 

जिले से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ में स्थित बागबाहरा से घुंचापाली चंडी मंदिर में शाम को पहुंचने वाले सैलानियों का चार जंगली भालू माता के दरबार में खूब मनोरंजन करते नजर आते हैं. मंदिर में भालू को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु जुट जाते हैं. श्रद्धालु अपने हाथ से भालुओं को प्रसाद खिलाते नजर आते हैं. वहां के रहवासियों का कहना है कि पिछले आठ साल से भालू निरंतर मंदिर में आते हैं, लेकिन किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते. जानकार बताते हैं कि मंदिर में मादा भालू अपने तीन शावकों के साथ नारियल, गुड़, चना और मूंगफली खाने के लिए आती है.

 

एनएच 53 के किनारे पटेवा और झलप के बीच मुंगई माता पहाड़ी के नीचे भी कभी-कभी भालुओं का आना होता है. यहां भारी संख्या में भालू को देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं. इसके साथ ही भीम खोज स्थित खल्लारी मंदिर में भी भालुओं का आना-जाना है. वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि मंदिर में भालुओं को आने से रोकने के लिए ऊंची जाली लगाने का काम किया जाएगा. जाली लग जाने से भालू फांदकर भी मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. इसके साथ ही यह भी ध्यान दिया जाएगा कि पर्यटक भी भालुओं को किसी प्रकार का खाद्य पदार्थ न दे सकें.



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