महासमुन्द

सराइपाली बसना में इस बार घट सकता है रबी फसल का रकबा, जलाशयों में पानी की कमी

By: डीएनए न्यूज़ हेमन्त वैष्णव
2018-11-30 01:32:11 PM
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इस बार घट सकता है रबी फसल का रकबा, जलाशयों में पानी की कमी

महासमुंद(सरायपाली) हेमन्त वैष्णव

इस बार बारिश कम होने से नदी-नालों, तालाब एवं बड़े जलाशयों में पानी कम होने तथा नलकूपों की धार पतली होने से रबी फसल का रकबा घट सकता है

सरायपाली. चुनाव निपटते ही किसान खेती-किसानी के काम में जुट गए हैं। किसान धान कटाई साथ-साथ रबी फसल की तैयारी में लग गए हैं। इस बार बारिश कम होने से नदी-नालों, तालाब एवं बड़े जलाशयों में पानी कम होने तथा नलकूपों की धार पतली होने से रबी फसल का रकबा घट सकता है। फिर भी किसान जहां कहीं भी पानी की सुविधा होगी, वहां रबी फसल लेने तैयारी में हैं। इस बार किसान धान के बदले अन्य फसल लेने का विचार कर रहे हैं। इस बार गेहूं, चना, मूंग, मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी आदि फसल लेने से फायदे में रहेंगे। क्योंकि इन फसलों में धान की अपेक्षा कम सिंचाई करनी पड़ेगी।

 

किसानों के सामने बीज की समस्या खड़ी हो गई है। किसानों को न तो कृषि विभाग से बीज मिल पा रहा है और ना बीज निगम के पास पर्याप्त बीज उपलब्ध है। अधिकारी-कर्मचारी चुनाव कार्य में व्यस्त रहने के चलते बीज वितरण कार्य प्रभावित हुआ है। चुनाव की वजह से धान कटाई का कार्य प्रभावित होने से रबी फसल की तैयारी में विलंब हुआ है। नवंबर-दिसंबर का महीना रबी फसल के लिए अनुकूल माना जाता है। अधिकांश किसान कर्ज माफी एवं 25 सौ रुपए समर्थन मूल्य किए जाने की घोषणा के चलते धान कटाई विलंब से कर रहे हैं। इसका असर रबी फसल की तैयारी पर पड़ रहा है।

 

नलकूप वाले खेतों की कटाई अंतिम दौर पर है। कटाई होते ही खेत को रबी फसल के लिए तैयार किया जाएगा। किसानों का कहना है कि इस बार कम बारिश की वजह से रबी फसल में धान के बजाय गेहूं लेना फायदेमंद रहेगा। इधर, किसानों को गेहूं बीज के लिए भटकना पड़ रहा है। किसान कई दिनों से कृषि विभाग एवं बीज निगम का चक्कर काट रहे हैं। इधर कृषि विभाग का कहना है कि चुनाव की वजह से बीज वितरण में विलंब हुआ है। मगर एक हफ्ते के भीतर गेहूं बीज संबंधित एआरईओ के माध्यम से किसानों को वितरण कर दिया जाएगा। क्षेत्र में रबी फसल के समय बड़ी संख्या में किसान आलू-प्याज की भी खेती करते हैं। मगर बीज निगम एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा आलू-प्याज के बीज उपलब्ध नहीं कराए जाने से किसान फसल नहीं ले पा रहे है।

 

उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को मुफ्त में आलू-प्याज बीज का वितरण किया जाता है। मगर अभी तक किसानों तक बीज नहीं पहुंच पाया है। किसान दुकानों से आलू बीज खरीदकर फसल लेने को विवश है। सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को समिति के माध्यम से बीज नहीं मिलने से उन्हें भटकना पड़ रहा है। सहकारी समितियां धान खरीदी में व्यस्त रहने की वजह से गेहूं बीज वितरण करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि समितियों के माध्यम से गेहूं, चना, मूंग आदि बीजों का वितरण किया जाता, तो किसानों को बड़ी राहत मिलती। किसानों को बीज के लिए कृषि विभाग एवं बीज निगम का चक्कर काटना नहीं पड़ता।

 

पर्याप्त गेहूं बीज उपलब्ध

बीज निगम के अधिकारियों का कहना है कि चुनाव की वजह से गेहूं बीज वितरण में विलंब हुआ है। सरायपाली बीज निगम के पास करीब 3460 क्विंटल गेहूं उपलब्ध है। पूरे जिले में करीब 2267 क्विंटल गेहूं बीज की मांग है। मांग के अनुरूप बसना, सरायपाली, पिथौरा विकासखंडों को सोमवार से गेहूं बीज वितरण के लिए भेजा जाएगा। बीज निगम प्रभारी ने बताया कि सरायपाली स्थित बीज निगम कार्यालय से किसान नगद में गेहूं बीज ले जा सकते हैं। गोदाम में बीडब्ल्यू-322,व्हीडब्ल्यू-273, एचडी-29-32, एच आई-1544 एवं शरबती जैसे किस्म के बीज उपलब्ध है। किसानों को गेहूं के प्रमाणित बीज 2500 रुपए, आधार बीज 2600 रुपए एवं शरबती 2800 प्रति क्विंटल की दर पर मिलेगा। जबकि चना बीज की डिमांड नहीं है।



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