महासमुन्द

अचानक सामने से आ गए 2 खूंखार हाथी खेतों में काम कर रहे थे किसान, और...

By: डीएनए न्यूज हेमन्त वैष्णव
2018-11-30 01:06:03 PM
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अचानक सामने से आ गए 2 खूंखार हाथी खेतों में काम कर रहे थे किसान,और...

 

महासमुन्द /हेमन्त वैष्णव

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अचानक शाम को दो हाथी के धमकने से अफरा-तफरी मच गई।

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अचानक शाम को दो हाथी के धमकने से अफरा-तफरी मच गई। हाथियों को देख खेतों में काम कर रहे मजूदर व बीड़ा लेकर जा रहे ट्रैक्टर ड्राइवर वहां से जान बचाकर वहां से भाग गए। किसान व मजदूर रामसागर तालाब के पार में हाथियों को खदेडऩे का इंतजार कर रहे थे। इधर, ओडिशा जंगल की ओर से सात हाथी सांकरा जोंक नदी के पास पहुंच गए है। हाथियों की आमद से ग्रामीण सहमे हुए है।

जान बचाकर भागे किसान 

हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि शाम साढ़े चार बजे हाथियों का दल कुकराडीह बंजर से निकलकर ग्राम लहंगर व परसाडीह कच्चा मार्ग होते हुए बलीना खार पहुंचे। जिसे गांव के ही प्रताप ध्रुव व सुरेन्द्र धुव ने देखा। उन्होंने सभी मजूदरों व किसानों को हाथियों के पहुंचने की सूचना दी। इसके बाद मजदूर व किसान अपनी जान बचाकर भागे। सिन्हा ने बताया कि किसान खेतों में धान का बीड़ा लेने गए थे। सूचना मिलते ही कई किसान बीड़ा छोडऩे बैलों को लेकर वहां से भाग गए। वहीं ट्रैक्टर से धान का बीड़ा ले जा रहे हाथी को देखकर ड्राइवर ट्रैक्टर छोडक़र भा गए। अचानक हाथियों की आमद से किसान सहम गए। सभी किसान रामसागर तालाब के पार एकत्रित होकर हाथियों को खदेडऩे का प्रयास कर रहे थे।

 

सिन्हा ने बताया कि सिरपुर क्षेत्र में 16 हाथी का दल उत्पात मचा रहा है। 26-27 नवंबर को हाथियों ने परसाडीह, लहंगर और कुकराडीह के आधा दर्जन से अधिक किसानों के फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। लगातार फसल बर्बाद होने से किसान मायूस हो गए हैं। वन विभाग मुआवजा के सिवाय किसानों की मदद नहीं कर पा रही है। रेडियो कालर लगाने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है।

 

खेत जाने से डर रहे मजदूर और किसान

हाथियों का दल अचानक खेतों में पहुंचने से किसान दहशत में है। हाथियों की वजह से मजदूर व किसान डरे सहमे खेतों में जा रहे हैं। उन्हें हमेशा डर सताता है कि हाथियों का सामना न हो। क्योंकि क्षेत्र में हाथियों ने कई लोगों की जान ले ली है। महानदी के तट पर हाथियों ने डेरा जमाया है। शाम होते ही हाथियों का समूह फसलों को रौंदने खेतों में पहुंच रहा है। वहीं कटे हुए फसलों को भी हाथी खा रहे हैं। किसानों ने बताया कि लहंगर में 40 प्रतिशत फसलों की कटाई बाकी है। किसान हाथियों की आमद को लेकर चिंतित है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग का कोई सुरक्षा गश्ती दल भी समय पर नहीं पहुंचता है। लहंगर के नेपाल सिंह ध्रुव, गजेन्द्र सिंह, परसराम ध्रुव आदि किसानों के फसलों को हाथियों ने रौंद दिया है।



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