छत्तीसगढ़

9वीं वालों का बस्ता 4.5 किलो और 10वीं वालों का होगा 5 किलो का केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने जारी किया निर्देश

By: डीएनए न्यूज़ छत्तीसगढ़
2018-11-28 09:10:59 PM
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9वीं वालों का बस्ता 4.5 किलो और 10वीं वालों का होगा 5 किलो का केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने जारी किया निर्देश

 

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) के निर्देश के बाद प्रदेश में भी स्कूली बच्चों के बस्तों का वजन फिर तय...

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) के निर्देश के बाद प्रदेश में भी स्कूली बच्चों के बस्तों का वजन फिर तय किया जाएगा। रायपुर प्रशासन ने दो साल पहले नर्सरी से दसवीं तक के बच्चों के बस्ते का अधिकतम वजन तय कर दिया था। इस हिसाब से कार्रवाई भी हुई थी। अब एमएचआरडी ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत नवमी के बच्चों के बस्ते अधिकतम 4.5 किलो और दसवीं के 5 किलो तक ही होंगे। 

 

एमएचआरडी के निर्देश पर बस्तों का वजन तय करने के लिए शिक्षा विभाग विस्तृत गाइडलाइन का इंतजार कर रहा है। हालांकि राजधानी में बस्ते के वजन को लेकर पहल सितंबर 2016 में पहली बार शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने की थी। जिले के स्कूलों के लिए इसके अनुसार निर्देश जारी किया गया। नर्सरी से लेकर आठवीं तक बच्चों के बस्ते का वजन तय किया गया। यह सिस्टम अभी चल रहा है। अफसरों ने बताया कि हर साल सत्र शुरू होने के पहले स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें बस्ते के वजन पर फोकस रखने के लिए कहा जाता रहा है। इसका औचक निरीक्षण भी हुआ है। जिले में निर्देश जारी होने के बाद राजधानी के कई स्कूलों तय वजन के अनुसार व्यवस्था की। कई स्कूलों ने कॉपी किताब रखने के लिए स्कूल में ही अलमारी बनवाई। कई स्कूलों ने टाइम टेबल ठीक किया। इसके बाद स्थिति ठीक हुई। फिर एक बार स्कूलों को बस्ते के वजन को लेकर रिमांइडर भेजा जाएगा। उन्हें कहा जाएगा कि वे सख्ती से वजन से संबंधित निर्देशों का पालन करें। 

 

आरटीई ने बस्ते के बोझ को माना प्रताड़ना जैसा 

 

शिक्षा का अधिकार (आरटीआई) में बस्ते का बोझ प्रताड़ना के जैसा है। शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि आरटीआई अधिनियम में यह साफ तौर पर कहा गया है कि बच्चों को किसी भी तरह से शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान नहीं किया जाए। बस्ते का वजन ज्यादा होने से बच्चे परेशान थे। साथ ही यह शारीरिक प्रताड़ना देने जैसा था। इसलिए बस्ते का वजन कम किया गया था। इसी तरह यह भी बातें सामने आई कि ज्यादा वजनी बस्ते से बच्चों को पीठ से संबंधित बीमारियां होने का भी खतरा था। 

 

पूरे राज्य में एक जैसा सिस्टम 

 

बस्ते के वजन को लेकर करीब दो साल पहले जो निर्देश जारी किया गया था, वह जिले के स्कूलों के संदर्भ में था। इसके अनुसार जिला शिक्षा विभाग से मॉनिटरिंग की जा रही है। एमएचआरडी से निर्देश जारी होने के बाद संभावना है कि बस्ते के वजन को लेकर पूरे राज्य में एक जैसा सिस्टम लागू होगा। अफसरों का कहना है कि बस्ते का वजन जांचने के लिए फिर जांच की जाएगी। इसके लिए टीम जाएगी। 

 

एमएचआरडी से यह निर्देश 

 

एमएचआरडी से कक्षा के अनुसार बस्ते का वजन तय किया गया है। जैसे पहली-दूसरी में बस्ते का वजन अधिकतम 1.5 किलो। तीसरी से पांचवीं में 2 से 3 किलो। कक्षा 6वीं से 7वीं में अधिकतम 4 किलो। कक्षा, 8वीं-9वीं में 4.5 किलो अधिकतम। जबकि दसवीं में अधिकतम 5 किलो। 

 

रायपुर जिले में यह सिस्टम 

 

जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग से जो बस्ते का वजन तय किया गया था, उसके अनुसार नर्सरी तक की कक्षाओं के बस्ते का वजन अधिकतम एक किलो रखा गया। पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं बस्ते का वजन अधिकतम तीन किलो। जबकि छठवीं से आठवीं तक के बस्ते का वजन अधिकतम चार किलो है।



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