छत्तीसगढ़

बोर्ड परीक्षा 3 माह में, एससीईआरटी ने शिक्षकों को बुलाया योग ट्रेनिंग

By: डीएनए न्यूज़ छत्तीसगढ़
2018-11-28 08:08:12 PM
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बोर्ड परीक्षा 3 माह में, एससीईआरटी ने शिक्षकों को बुलाया योग ट्रेनिंग में

DNA news छत्तीसगढ़/रायपुर

हाई और हायर सेंकेंडरी स्कूल की परीक्षाएं तीन महीने बाद है और राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद एससीईआरटी ने 10वीं-12वीं...

 

 

हाई और हायर सेंकेंडरी स्कूल की परीक्षाएं तीन महीने बाद है और राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद एससीईआरटी ने 10वीं-12वीं के शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण देने के लिए बुला लिया है। एक हफ्ते यहां उन्हें ट्रेनिंग देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। उसके बाद मास्टर ट्रेनर अपने अपने जिलों के प्रत्येक स्कूल के टीचरों को योग की ट्रेनिंग देंगे। हालांकि अभी तक योग का कोर्स तैयार नहीं हुआ है, इसके बावजूद अफसरों ने ऐन परीक्षा के करीब शिक्षकों को ट्रेनिंग में व्यस्त कर दिया है। 

 

शिक्षा विभाग के जानकारों के अनुसार प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक के साथ-साथ हाई व हायर सेंकेंडरी स्कूलों में भी योग पढ़ाया जाना है। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। हाई और हायर सेकेंडरी के शिक्षकों का प्रशिक्षण बाकी है। तयशुदा शेड्यूल के अनुसार इन्हें भी तीन महीने पहले योग पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाना था। अफसरों ने इसे टाल दिया अब शिक्षा का सत्र जब अंतिम दौर में पहुंच रहा है और बोर्ड की परीक्षाएं करीब आ गईं है, तब टीचरों का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। एक हफ्ते के प्रशिक्षण के दौरान राज्यभर के अलग-अलग जिलों के ब्लॉक स्तर के शिक्षक राजधानी में ही रहकर प्रशिक्षण लेंगे। इस बीच एससीईआरटी के इस प्रशिक्षण शेड्यूल लेकर शिक्षा विभाग में ही कई तरह की चर्चाएं। कई विशेषज्ञ इस वजह से भी हैरान हैं कि अभी तक योग में क्या पढ़ाना है?ये तक तय नहीं हुआ है, इसके बाद भी शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए बुला लिया गया है। गौरतलब है कि यहां से मास्टर ट्रेनर बनकर जाने वाले शिक्षक जिलों में सभी स्कूल के हाई व हायर सेकेंडरी के एक-दो शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग कैंप आयोजित करेंगे। इससे उन स्कूलों में भी पढ़ाई पर असर पड़ेगा। 

 

बच्चे चले जाएंगे छुट्टी पर 

 

राज्य में इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित दसवीं-बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी के अंतिम सप्ताह में आयोजित की जाएंगी। दिसंबर के बाद जनवरी में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों की एक तरह से छुट्टी शुरू हो जाएगी। परीक्षा की तैयारियों के लिए उन्हें स्कूल से फ्री कर दिया जाएगा। उ दशा में योग की पढ़ाई कराने के लिए बच्चों के पास समय ही नहीं रहेगा। स्कूलों में अगर एक्स्ट्रा क्लास लेकर योग पढ़ाया भी गया तो बच्चे उसमें शामिल नहीं होंगे। इससे शिक्षकों के प्रशिक्षण का कोई औचित्य ही नहीं रह जाएगा। 

 

प्रशिक्षण का जिम्मा इसी पर : राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद भले ही शिक्षा विभाग की ही एक ईकाई है, लेकिन इसके जिम्मे नया कोर्स तैयार करना और कोर्स के हिसाब से शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर तैयार करना है। स्कूलों में योग पढ़ाने का फैसला होने के बाद उसका पाठ्यक्रम तैयार करने और उसे पढ़ाने के फार्मूले की ट्रेनिंग देने का काम परिषद का है। इसी वजह से परिषद की ओर से मास्टर ट्रेनर तैयार करने के लिए सात दिवसीय कैंप का आयोजन किया जा रहा है। शिक्षकों के लिए आवासीय ट्रेनिंग कैंप की व्यवस्था परिषद की ओर से की गई है।



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