महासमुन्द

चपरासी बनने 22 लोगों ने महासमुन्द के इस फर्जी SI को दिए एक-एक लाख रुपए, सामने आई असलियत तो उड़ गए होश

By: डीएनए न्यूज़ हेमन्त वैष्णव
2018-11-27 01:54:14 PM
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चपरासी बनने 22 लोगों ने महासमुन्द के इस फर्जी SI को दिए एक-एक लाख रुपए, सामने आई असलियत तो उड़ गए होश

 

इसके बाद पोखेंद्र ने टिकरापारा निवासी अपने रिश्तेदार भरत लाल पटेल से उसे मिलवाया।

रायपुर.महासमुन्द

 राजधानी में बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं को ठगना आसान हो गया है। एक फर्जी एसआइ ने अपने दोस्त के साथ मिलकर डेढ़ दर्जन ग्रामीण युवकों को मंत्रालय में चपरासी की नौकरी दिलाने का झांसा और लाखों रुपए ठग लिए। इसकी शिकायत होने पर टिकरापारा पुलिस ने आरोपी शेख असलम और पोखेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

मुख्य आरोपी खुद को स्पेशल ब्रांच का एसआइ और अपने पिता को सिंचाई विभाग में एसडीओ बताता था। साथ ही अपनी पत्नी को मंत्रालय में उच्च अधिकारी होने की जानकारी देता था। इसके चलते युवक उसके झांसे में आ जाते थे।

पुलिस के मुताबिक संतोषी नगर टिकरापारा निवासी शेख असलम रजा और पोखेंद्र कुमार पटेल की दोस्ती थी।

 

पोखेंद्र मूलत: महासमुंद जिले के खल्लारी इलाके का है। पोखेंद्र और शेख असलम ने मिलकर बेरोजगारों को ठगने की योजना बनाई। इसके बाद पोखेंद्र ने टिकरापारा निवासी अपने रिश्तेदार भरत लाल पटेल से उसे मिलवाया। इस दौरान शेख असलम ने खुद को पुलिस के स्पेशल ब्रांच में खुद को एसआइ बताया और अपने पिता शेख सलामत को सिंचाई विभाग का एसडीओ व पत्नी कनीज फातिमा को मंत्रालय में बड़े पद में पदस्थ बताकर परिचय दिया।

 

इसके बाद उसने नौकरी के एवज में एक लाख 30 हजार रुपए की मांग की। भरत ने अपने रिश्तेदार ढालेंद्र पटेल को नौकरी लगवाने के लिए पैसा दे दिया। इसके बाद भरत ने अपने अन्य रिश्तेदारों और दोस्तों को भी पोखेंद्र से मिलवाया और पोखेंद्र ने असलम से मिलवाकर नौकरी लगाने के नाम पर युवकों से पैसा लिया।

 

17 युवकों से लिया पैसा

असलम और पोखेंद्र ने मिलकर खल्लारी और टिकरापारा इलाके 17 युवकों से मंत्रलाय में चपरासी बनाने के नाम पर कुल 22 लाख 90 हजार रुपए लिया। पैसा लेते समय असलम जल्द ही ज्वाइनिंग लेटर मिलने का आश्वासन देता था। तय समय में ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिलने और न ही नौकरी लगने पर युवक परेशान हो गए।

 

फिर असलम के घर पहुंचे। असलम के घर में ताला लगा था। पीडि़तों ने आस-पास के लोगों से पूछा, तो असलम की असलियत सामने आ गई। लोगों ने बताया कि आरोपी के घर में कोई नौकरी नहीं करता है।

 

ये आए लालच में

आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर भारत लाल पटेल से 1 लाख, ढलेश कुमार पटेल से 1 लाख 10 हजार, वेदन पटेल से 1 लाख 30 हजार, नरेश पटेल से 1 लाख 30 हजार, संजय पटेल से 1 लाख 30 हजार, भुनेश्वर साहू से 1 लाख 50 हजार, टकिश पटेल से 1 लाख 30 हजार, नेतराम निर्मलकर से 1 लाख 50 हजार, नोहर कुमार निर्मलकर से 1 लाख 50 हजार, शेख नारायण पटेल से 1 लाख 50 हजार, खलिदेंर साहू 1 लाख 50 हजार, उमाशंकर धोबी से 1 लाख 50 हजार, सुखराम धोबी से 1 लाख 50 हजार, डूबेश्वर सिंह से 1 लाख 50 हजार, सूरज धोबी से 1 लाख 50 हजार, बलराम धु्रव से 1 लाख 50 हजार, सुभाष बघेल से 60 हजार रुपए लिया था।

 

 



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