छत्तीसगढ़

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूलों को सर्कुलर जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे पहली और दूसरी कक्षा के स्टूडेंट्स को होमवर्क न दें।

By: डीएनए न्यूज़ छत्तीसगढ़
2018-11-27 11:48:48 AM
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सरकार ने देशभर के स्कूलों के लिए जारी किए निर्देश, इन 2 क्लास के बच्चों को स्कूल नहीं दे सकते होमवर्क, बच्चों से एडिशनल किताबें भी नहीं बुलवा सकते 

पहली से 10वीं क्लास तक के छात्रों के बैग का वजन भी तय किया, इससे ज्यादा नहीं होना चाहिए

। मिनिस्ट्री ऑफ ह्युमन रिसोर्स डेवलपमेंट ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि पहली और दूसरी के छात्रों केा होमवर्क न किया जाए। मिनिस्ट्री ने बच्चों के बस्तों का वजन भी तय कर दिया है। देशभर के स्कूलों को ये निर्देश जारी किए गए हैं।

क्या निर्देश दिए मिनिस्ट्री ने

- शिक्षण संस्थान पहली और दूसरी क्लास के बच्चों को होमवर्क नहीं दे सकते। 

- पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के लिए लैंग्वेज और मैथ्स के अलावा कोई दूसरा विषय तय नहीं किया जा सकता। 

- तीसरी से पांचवीं तक एनसीईआरटी द्वारा तय लैंग्वेज, मैथ्स और पर्यावरण विज्ञान के अलावा दूसरे विषय नहीं पढ़ाए जा सकते।

- मंत्रालय ने स्कूलों से कहा कि छात्रों को अतिरिक्त किताबें और सामान लाने को नहीं कहा जा सकता। बस्ते का वजन भी तय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।

बस्ते का वजन कितना होना चाहिए

- पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के बस्तों का वजन 1.5 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

- तीसरी से पांचवीं तक बस्तों के वजन की सीमा 2 से 3 किलो तय की गई है।

- छठी और सातवीं क्लास तक बस्ते का वजन 4 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

- आठवीं और नौवीं तक ये सीमा 4.5 किलो है। 

- 10वीं के छात्रों का बस्ता 5 किलो से ज्यादा भारी नहीं होना चाहिए।



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