छत्तीसगढ़

त्रिकोणीय मुकाबले वाली सीटों पर डाक मतपत्र बदल सकते हैं नतीजे । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 50 हजार 924 डाक मतपत्र जारी किए हैं।

By: डीएनए न्यूज़ छत्तीसगढ़
2018-11-24 03:03:02 PM
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त्रिकोणीय मुकाबले वाली सीटों पर डाक मतपत्र बदल सकते हैं नतीजे

छत्तीसगढ़ में दो चरण में हुए विधानसभा चुनाव में डाक मतपत्र भी अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 50 हजार 924 डाक मतपत्र जारी किए हैं।

 

 

रायपुर. छत्तीसगढ़ में दो चरण में हुए विधानसभा चुनाव में डाक मतपत्र भी अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 50 हजार 924 डाक मतपत्र जारी किए हैं। यदि डाक मतपत्र 11 दिसम्बर की सुबह 8 बजे तक संबंधित अधिकारी को मिल जाए, तो इसे मतगणना में शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद मिले डाक मतपत्रों की गिनती नहीं की जाएगी।

 

दरअसल, चुनाव कार्य में लगे कर्मियों को हर साल डाक मतपत्र जारी किया जाता है। कर्मचारी इसमें अपना वोट देकर संबंधित विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपते हैं। समय पर मिले इन डाक मतपत्रों की गिनती अलग से की जाती है। इसकी गिनती पूरी होने के बाद भी जिला निर्वाचन अधिकारी हार-जीत की घोषणा करता है।

 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने स्पष्ट कर दिया है कि पोस्टल बैलेट से मतदान कर डाक मतपत्र 11 दिसम्बर की सुबह 8 बजे के पहले संबंधित विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर तक पहुंच जाना चाहिए। इसके बाद प्राप्त डाक मतपत्र की गिनती को मतगणना में शामिल नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश के 90 विधानसभा सीटों के मतों की गणना 11 दिसम्बर को होगी। इसी दिन देर शाम तक नतीजे आ जाएंगे।

 

इन सीटों पर पड़ सकता है असर

इस चुनाव में बहुत से विधानसभा सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी है। ऐसे में डाक मतपत्र किसी भी प्रत्याशी की बाजी को पलट सकते हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव की बात करें, तो तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी थी। यहां जीत-हार का अंतर 608 वोट था। जबकि यह डाक मतपत्रों की संख्या 680 हैं। राजनांदगांव जिले की मोहला-मानपुर विधानसभा सीट पर भी लगभग यही स्थिति बनी थी। यहां हार-जीत का अंतर 956 था। जबकि डाक मतपत्रों की संख्या 887 थीं।

 

दुर्ग शहर में सबसे ज्यादा डाक मतपत्र

पिछले चुनाव में दुर्ग शहर में सर्वाधिक 1536 डाक मतपत्र जारी किए गए थे। दूसरे नम्बर पर अंबिकापुर विधानसभा की सीट थी। यहां 1270 मतदान कर्मियों को डाक मतपत्र जारी किए गए थे। 1155 डाक मतपत्रों के साथ कवर्धा विधानसभा सीट तीसरे नम्बर पर थी। सबसे खात बात यह थी कि माओवाद प्रभावित कोंटा विधानसभा सीट में सबसे कम 3 डाक मतपत्र जारी किए गए थे।



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