महासमुन्द

परिवर्तन या विकास किसकी बनेगी सरकार ? प्रत्याशियों की तकदीर हुई ईवीएम में बंद भाजपा एवं कांग्रेस दोनो कर रहे हैं जीत के दावे-

By: डीएनए न्यूज़ हेमन्त वैष्णव
2018-11-24 02:35:11 PM
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परिवर्तन या विकास किसकी बनेगी सरकार ? प्रत्याशियों की तकदीर हुई ईवीएम में बंद

भाजपा एवं कांग्रेस दोनो कर रहे हैं जीत के दावे-

 

सरायपाली.मतदान समाप्त होने के बाद से ही गली मोहल्लों, चौक चौराहों तथा राजनीतिक गलियारों में इन दिनों केवल एक ही चर्चा हो रही है कि सरकार किसकी बनेगी. सरायपाली विधानसभा सीट से कांग्रेस जीतेगी या भाजपा इसे लेकर भी जोरों से कयास लगाए जा रहे हैं. मतदाताओं ने इस बार परिवर्तन पर मुहर लगाया है या विकास की रफ्तार कायम रहेगी यह 11 दिसम्बर को ही पता चलेगा. लेकिन स्थानीय स्तर पर इन दिनों चुनाव परिणाम को लेकर ही  राजनीतिक चर्चा हो रही है. मतदाताओं क े रूझान को देखें तो इस चुनाव में कांग्रेस का घोषणा पत्र भाजपा के लिए भारी पड़ सकता है. यहां से कांग्रेस के नेता तो चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त हैं. लेकिन भाजपा के लोग अपनी जीत के साथ सरकार बनाने क ो लेकर भी दावा कर रहे हैं. चुनाव परिणाम को लेकर सट्टा का बाजार भी गर्म है. यहां तक कि कुछ लोग अपने चार पहिया वाहनों को भी दांव पर लगा दिए हैं. 

 

  यहां की विधानसभा सीट वर्ष 2008 से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद से ही इसी वर्ग से विधायक पद पर चुनाव के लड़ने के लिए द्वार खुल गए.  इस चुनाव में भाजपा से श्याम तांडी तथा कांग्रेस से किस्मतलाल नंद के बीच सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है. दोनो नेता भी अपने-अपने जीत के दावे कर रहे हैं. लेकिन जमीनी स्तर से आ रही खबरों के अनुसार मतदाताओं में इस बाद परिवर्तन की लहर दिखाई दे रही है. लेकिन यह मतदान केन्द्रों में जाकर तब्दिल हो सका है या नही यह बाद में ही पता चलेगा. मतदाताओं का प्रमुख फोकस इस बाद कांगे्रस का चुनाव घोषणा पत्र रहा है. जिसमें किसानों का कर्ज माफ, बोनस सहित कई मुद्दे हैं जिससे किसान प्रभावित दिखे. दूसरी ओर भाजपा के प्रत्याशी की छवि मतदाताओं को जरूर प्रभावित किया है. पहले से ही क्षेत्र में जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करने का फायदा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में ईवीएम मशीन तक पहुंचा या नही यह समय के गर्भ में है. कई मतदाता केवल दोनो के घोषणा पत्र की ही तुलना करते रहे जबकि प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि ज्यादा प्रभाव नही दिखा सकी. छत्तीसगढ़ बनने के चार चुनाव हुए हैं जिसमें प्रत्येक चुनाव में एक ही पार्टी को लगातार जीत नही मिली है. इस चुनाव में देखना होगा कि क्या भाजपा यहां पर इतिहास रचेगी या पूर्व की भांति इस बार भी बदलाव होगा.

 

भाजपा प्रत्याशी श्याम तांडी ने कहा कि डॉ रमन सिंह एवं युवा चेहरे पर जनता की पसंद है. जनता का विश्वास पुन: चौंथी बार सरकार बनाने हेतु कारगर रहेगा. वे पिछले कई सालों से इस क्षेत्र में सेवा किए हैं जो जीत के रूप में तब्दिल होगा. उन्होने कहा पिछले चुनाव की अपेक्षा जीत का अंतर कम हो सकता है लेकिन उनकी जीत तय है.

 

कांग्रेस प्रत्याशी किस्मतलाल नंद का कहना है कि राहुल गांधी ने छग में किसान, मजदूर, गरीब, व्यापारी के लिए जो घोषणा किए हैं इससे जीत सुनिश्चित हो गया है. यहां पर 20 हजार से अधिक मतों की लीड लेकर अपनी जीत का दावा उन्होंने किया. उन्होने राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह के  आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन का भी लाभ मिलने की बात कही.



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