छत्तीसगढ़

सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती एवं इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि अरेकेल स्कूल में धूमधाम से मनाया

By: रूपानंद साव। बसना
2018-10-31 06:00:48 PM
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बसना 31 अक्टूबर 2018। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल एवं प्राथमिक शाला अरेकेल के संयुक्ततत्वाधान में विश्व एकता दिवस के अवसर पर शाला परिसर में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती एवं  इंदिरा गांधी के पुण्यतिथि के अवसर पर विविध कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें सर्वप्रथम इंदिरा गांधी एवं वल्लभ भाई पटेल के छाया चित्र पर पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक श्रीराम साहू,प्राथमिक शाला की शिक्षिका श्रीमती ज्योत्सना साहू द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं इंदिरा गांधी की छाया चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत किया गया। 
इस अवसर पर सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं द्वारा छाया चित्र पर पुष्प अर्पित  किया गया।शिक्षक हीराधर साव मंच संचालन करते हुए कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल हमेशा अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहते थे,स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को वैचारिक एवं क्रियात्मक रूप में एक नई दिशा देने की वजह से सरदार पटेल ने राजनीति इतिहास में एक अत्यंत गौरवपूर्ण स्थान पाया है, इंदिरा गांधी के बारे में बताते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने उन्हें प्रियदर्शनी के नाम से संबोधित किया था एवं इंदिरा गांधी के जीवन परिचय के बारे में बच्चों को विस्तार पूर्वक बताया गया। 
राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पकार लौह पुरुष सरदार पटेल के बारे में बताते हुए शिक्षक प्रेमचन्द साव ने उनके अद्भुत सुदृढ़ता,प्रशासनिक क्षमता,निष्ठा, ईमानदारी से कार्य करने,महान शख्सियत, संकल्प शक्ति वाले गतिशील व्यक्ति, तन्मयता एवं लगन से कार्य करने के बारे मे बताकर उनके द्वारा 550से अधिक देशी रियासतों को देश में विलय कराने का महत्वपूर्ण कार्य करने के बारे में बताया गया।
देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री व अभी तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बारे मे बताते हुए प्रेमचन्द साव ने कहा कि वे एक तेज तर्रार ,त्वरित निर्णायक क्षमता वाली प्रधानमंत्री थी जिनका बैंकों के राष्ट्रीयकरण एवं बांग्लादेश के उदय में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षिका श्रीमती विनीता ताण्डी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन परिचय के बारे में एवं उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।प्राथमिक शाला स्कूल की शिक्षिका आसमा परवीन ने सरदार पटेल को लौह पुरुष क्यों कहा जाता है इसके बारे में बच्चों को बताया। 
शिक्षिका हिमाद्री प्रधान एवं  ज्योत्सना साहू ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में बच्चों को अवगत कराते हुए बतायी कि आज पूरे विश्व के लिए एक गौरव की बात है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जो सबसे ऊंची मूर्ति है उसे राष्ट्र के नाम समर्पित किया जा रहा है। शिक्षिका सरिता सिदार ने इंदिरा गांधी को एक सशक्त नेतृत्व एवं हम सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताते हुए उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं से बच्चों को अवगत करायी। इस कार्यक्रम में शाला के छात्र-छात्राओं द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं श्रीमती इंदिरा गांधी के जीवन एवं उनसे जुड़े हुए घटनाओं के बारे में भाषण,गीत, कविता प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षक प्रेमचंद साव द्वारा विश्व एकता दिवस के उपलक्ष्य में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बच्चों को  सत्यनिष्ठा से शपथ राष्ट्र की एकता,अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने,देश के भलाई हेतु दूरदर्शिता से कार्य करने और देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का सत्यनिष्ठा से शपथ दिलवाया गया।
इस कार्यक्रम में प्रधान पाठक श्रीराम साहू,शिक्षक हीराधर साव, प्रेमचंद साव, शिक्षिका श्रीमती विनीता ताण्डी एवं प्राथमिक शाला के शिक्षिकागण श्रीमती ज्योत्सना साहू, सरिता सिदार, आसमा परवीन,हिमाद्री प्रधान, बी.एड. छात्राएं अस्मिता साईं, बबीता साव, सरिता साव, गणमान्य नागरिकगण एवं बाल कैबिनेट के सदस्य गण उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम की जानकारी रूपानन्द साव ने दी।
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